Noida International Airport के विस्तार के लिए बड़ी उपलब्धि, भूमि अधिग्रहण पूरा
टेन न्यूज नेटवर्क
जेवर (3 दिसंबर 2024): नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिला प्रशासन ने छह गांवों की 1181.2793 हेक्टेयर भूमि का सफलतापूर्वक अधिग्रहण कर उसे यमुना प्राधिकरण को सौंप दिया। इस पहल से एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन में तेजी आने की उम्मीद है, जो भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने सोमवार को यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। प्रशासन ने स्न्हेरा, कुरैब, करौली बांगर, दयानतपुर, वीरमपुर और मुढरह गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया। एडीएम भूमि एवं अध्यापित्त बच्चू सिंह ने बताया कि यह हस्तांतरण डिप्टी कलेक्टर भूलेख अजय कुमार शर्मा, तहसीलदार प्रभात कुमार और नायब तहसीलदार मनीष सिंह की मौजूदगी में यमुना प्राधिकरण को सौंपा गया।
दयानतपुर गांव की 3.1704 हेक्टेयर, वीरमपुर की 3.0155 हेक्टेयर और मुढरह की 7.8310 हेक्टेयर भूमि को सौंपा गया। अन्य तीन गांवों—स्न्हेरा, कुरैब, और करौली बांगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी जारी है। इस भूमि का उपयोग एयरपोर्ट के विभिन्न विस्तार कार्यों और सुविधाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें अप्रैल 2025 से शुरू होने की योजना है। पहले दिन कुल 30 उड़ानें संचालित की जाएंगी, जिनमें 25 घरेलू, तीन अंतरराष्ट्रीय और दो कार्गो उड़ानें शामिल होंगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सिंगापुर और दुबई के लिए फ्लाइट्स प्रस्तावित हैं। इन उड़ानों के लिए लुफ्तहांसा और सिंगापुर एयरलाइन्स के साथ समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के 90 दिन पहले से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर 2021 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था। निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है, और अधिकांश कार्य अब पूरा हो चुका है। यह एयरपोर्ट पूरी तरह से चालू होने पर दुनिया के पांच सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने से भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आएगा। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर भारत के लिए बल्कि देशभर के यात्रियों और मालवाहक सेवाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूत होगी।यह परियोजना राष्ट्रिय विकास ओर प्रगति का प्रतीक बनकर उभर रही है।।
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