ग्रेटर नोएडा किसान महापंचायत में राकेश टिकैत की हुंकार – लखनऊ कूच का अल्टीमेटम

टेन न्यूज नेटवर्क

GREATER NOIDA News (23/12/2025): ग्रेटर नोएडा स्थित यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में गौतमबुद्ध नगर के साथ-साथ अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा से करीब एक हजार से अधिक किसान पहुंचे। किसानों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, रोजगार, विस्थापन नीति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्राधिकरणों के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। इसी कड़ी में यमुना विकास प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने किसानों के बीच आकर संवाद का भरोसा दिलाया और आगामी दिनों में निर्णायक बैठकों की रूपरेखा सामने रखी।

महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गांवों से जुड़ी आबादी, खेती और रोजगार से जुड़े चार-पांच बड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। सरकार को पूंजीपतियों की हितैषी बताते हुए टिकैत ने कहा कि आम किसान की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

राकेश टिकैत ने अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित कटिंग को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अरावली पहाड़ियां राजस्थान से उड़कर आने वाली रेत को रोकती हैं और इसी वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुद्ध हवा मिलती है। यदि अरावली के 100 मीटर नीचे तक कटान की अनुमति दी गई तो पूरा क्षेत्र पर्यावरणीय संकट की चपेट में आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरावली को बचाने के लिए अलग से बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें

महापंचायत में किसानों ने यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि पर 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड देने की मांग प्रमुखता से उठाई। किसानों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल गौतम बुद्ध नगर तक सीमित न रहकर अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा सहित सभी प्रभावित जिलों में समान रूप से लागू की जाए।

इसके अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस रोड का शीघ्र निर्माण, सर्किल रेट में बढ़ोतरी और भूमि की वास्तविक कीमत के अनुसार मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।

जेवर एयरपोर्ट से जुड़े मुद्दे भी केंद्र में

जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों के मुद्दे महापंचायत में खास तौर पर उठे। किसानों ने विस्थापन नीति में संशोधन कर वर्ष 2023 के मानकों के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा नीति किसानों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

किसानों ने यह भी मांग की कि एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर एयरपोर्ट और उससे जुड़ी इकाइयों में रोजगार दिया जाए। टिकैत ने कहा कि जिनकी जमीन और आजीविका छीनी गई है, उनके बच्चों को नौकरी में पहला हक मिलना चाहिए।

भूमिहीन किसानों और मजदूरों की मांग

महापंचायत में भूमिहीन किसानों और मजदूरों के मुद्दे भी उठाए गए। किसानों ने मांग की कि ऐसे परिवारों को न्यूनतम 120 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड दिया जाए। साथ ही यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित किए जाने वाले सबसे छोटे भूखंड का आकार भी कम से कम 120 वर्ग मीटर तय किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी, लखनऊ कूच का ऐलान

राकेश टिकैत ने कहा कि यह महापंचायत बड़े आंदोलन की भूमिका है। वर्षों से चली आ रही मांगें पूरी नहीं होने के कारण किसान आंदोलन के लिए मजबूर हैं। उन्होंने ऐलान किया कि अधिकारियों को 12, 13 और 14 जनवरी तक का समय दिया गया है। यदि इन तारीखों तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो 15 जनवरी के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ लखनऊ कूच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर गांव से किसान आंदोलन में शामिल होंगे और यह आंदोलन सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का होगा।

 

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

महापंचायत के बाद प्राधिकरण और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। यमुना विकास प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर 12, 13 और 14 जनवरी को तीनों प्राधिकरणों और छह जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक होगी। उन्होंने किसान संगठनों के जिला अध्यक्षों से लिखित ज्ञापन सौंपने की अपील की, ताकि प्रशासन उसी आधार पर तैयारी कर सके।

उन्होंने कहा कि गाज़ीपुर बॉर्डर पर 13 महीने तक एडीएम सिटी के रूप में कार्य करने के अनुभव के कारण वह किसानों की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। अधिकारियों पर किसान विरोधी होने का आरोप सही नहीं है, क्योंकि वे नियमों के तहत किसानों की बात शासन तक पहुंचाते हैं और स्वीकृति मिलने पर ही निर्णय लागू होते हैं। वर्ष 2024 में इसी स्थान पर हुए आंदोलन के बाद 1689 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। छह जिलों से जुड़े सामान्य मामलों में सब्सिडी का वितरण डीएम के माध्यम से कैंप लगाकर किया जाएगा और यह प्रक्रिया जनवरी में पूरी कर ली जाएगी।

जेवर एयरपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि 53 गांवों के 321 लोग इस प्रक्रिया में शामिल हैं, जिनमें से 181 आवेदन प्रगति पर हैं। यह विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चुका है और दो चरण अभी शेष हैं। पात्रता के अनुसार प्रभावितों को रोजगार दिया जाएगा और एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही रोजगार का मुद्दा सुलझा लिया जाएगा। जेवर क्षेत्र में सर्विस रोड से जुड़ी 141 फाइलें तहसील में लंबित हैं, जिन पर प्रशासन और प्राधिकरण मिलकर कार्य करेंगे। 12, 13 और 14 जनवरी तक सभी मौजूदा सुविधाएं यथावत रहेंगी।

लीजबैक मामलों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी घर या जमीन को छुआ गया है और न ही कोई नोटिस जारी हुआ है। कोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर आबादी और लीज प्लॉट से जुड़े सभी मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

गौतम बुद्ध नगर के अपर जिलाधिकारी (ADM) बच्चू सिंह ने बताया कि किसानों की ओर से जेवर एयरपोर्ट से संबंधित दो प्रमुख मांगें सामने रखी गई हैं। पहली मांग मुआवजे के निर्धारण में नवीनतम मूल्यांकन को लागू किए जाने से जुड़ी है, जबकि दूसरी मांग विदेशी कंपनियों में स्थानीय किसानों और उनके परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन दोनों मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए शासन को पूरी तरह अवगत करा रहा है। इस विषय में पहले भी शासन और प्रशासन के बीच लगातार संवाद और पत्राचार होता रहा है। सोमवार को हुई बैठक के बाद भी इन मांगों को पुनः शासन के संज्ञान में लाया जाएगा, ताकि सरकार स्तर पर ठोस समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में जारी किए जाने वाले सर्कुलर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले वर्ष किसी भी समय इसे लागू किया जा सकता है।

महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न जिलों के अध्यक्ष उपस्थित रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे। गौतमबुद्ध नगर से जिला अध्यक्ष रॉबिन नागर, आगरा से जिला अध्यक्ष राजवीर लवानिया, मथुरा से जिला अध्यक्ष कुमारी मीरा, बुलंदशहर से जिला अध्यक्ष अरब सिंह, हाथरस से जिला अध्यक्ष सतदेव पाठक और अलीगढ़ से जिला अध्यक्ष सुंदर बालियान ने महापंचायत में भाग लिया। इसके अलावा किसान नेताओं में ललित चौहान और लाला यादव की भी उपस्थिति रही।

प्रशासन और प्राधिकरण की ओर से यमुना विकास प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, गौतमबुद्ध नगर के अपर जिलाधिकारी बच्चू सिंह और एडीएम मंगलेश दुबे महापंचायत स्थल पर मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात रहे।


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