ग्रेटर नोएडा में किसानों की महापंचायत में गरजे राकेश टिकैत, किसान लाठी, गोली और डंडों से नहीं डरेंगे

टेन न्यूज नेटवर्क

ग्रेटर नोएडा (31 दिसंबर 2024): ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर 30 दिसंबर को किसान मोर्चा द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित किया। इस दौरान टिकैत ने किसानों के अधिकारों, आंदोलनों की रणनीति और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के महत्व पर जोर दिया।

डेढ़ महीने से जारी संघर्ष का जिक्र

राकेश टिकैत ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से किसान संघर्षरत हैं, और प्रशासन ने आंदोलन को दबाने की कई कोशिशें कीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन की ओर से बनाए गए दबाव और किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि, “हरियाणा और अन्य राज्यों में किसानों को डराने की कोशिश की गई, लेकिन किसानों ने हार नहीं मानी।”

उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि अब वह समय नहीं रहा जब लाठी-डंडों या गोलियों से किसानों को डराया जा सकता है। टिकैत ने जेल जाने के डर को भी बेबुनियाद बताते हुए कहा, “जेल से डरने की जरूरत नहीं है। यदि आप जेल जाते हैं, तो वापस भी आएंगे।” उन्होंने अपनी और अन्य किसान नेताओं की जेल यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि जेल जाने से आंदोलन की ताकत कमजोर नहीं होती, बल्कि मजबूत होती है।

प्रशासन और बातचीत पर राय

राकेश टिकैत ने प्रशासन पर भरोसा न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “अधिकारियों पर विश्वास करना बेकार है क्योंकि उनका तबादला होता रहता है। किसानों को अपने आंदोलन और संगठन को मजबूत रखना चाहिए। कोई भी समझौता लिखित में होना चाहिए ताकि वह स्थायी हो।”

उन्होंने नए साल के अवसर पर सुझाव दिया कि किसान अपनी बातचीत की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करें और अपने हकों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें।

आंदोलन की स्थिरता पर जोर

महापंचायत में टिकैत ने यह भी कहा कि बार-बार जगह बदलने से आंदोलन कमजोर होता है। उन्होंने जीरो पॉइंट को सुरक्षित स्थान बताते हुए कहा कि किसान वहीं टिकें और शांति से अपनी बात रखें। टिकैत ने दिल्ली के किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से पुलिस भी डरती है और वह इसे दबा नहीं सकती।

“जमीन बचाना किसानों का हक”

उन्होंने किसानों को उनकी जमीनों पर खतरे के प्रति आगाह किया और कहा कि हर जिले में किसानों की समस्याएं अलग हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर जमीन अधिग्रहण हो रहा है, तो किसानों को इसके बदले उचित मुआवजा मिलना चाहिए। टिकैत ने कहा कि आंदोलन के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाना ही समस्या का समाधान है।

शांति और एकता का संदेश

महापंचायत के अंत में टिकैत ने किसानों से अपील की कि वे शांति और एकता बनाए रखें। उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण आंदोलन ही आपकी ताकत है। अगर पुलिस आपको रोकती है, तो आप अपने गांव की सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। प्रशासन को बातचीत के लिए मजबूर करें।”टिकैत ने महिलाओं और अन्य आंदोलनकारियों का आभार प्रकट करते हुए सभी से अपने-अपने घर लौटने की अपील की।


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