RLKC अस्पताल में हड़कंप: गैंगस्टर नीरज बवाना से मिलने पहुंचे दो संदिग्ध युवक गिरफ्तार
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (01 जुलाई 2025): दिल्ली के नारायणा रोड स्थित RLKC अस्पताल में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब अस्पताल स्टाफ ने दो संदिग्ध युवकों की गतिविधियों पर शक जताते हुए तत्काल स्पेशल सेल को सूचना दी। दोपहर करीब 2:15 बजे पकड़े गए इन युवकों की पहचान प्रवीण यादव (पुत्र श्यामवीर) और नितिन यादव (पुत्र रमेश चंद यादव) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि दोनों युवक कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना से मिलने के इरादे से अस्पताल पहुंचे थे, जहां वह अदालत द्वारा मिली छह घंटे की पैरोल पर आया हुआ था।
कोर्ट के आदेश पर नीरज बवाना को छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई थी, जिसके तहत दिल्ली पुलिस उसे उसकी पत्नी से मिलने के लिए अस्पताल लेकर आई थी। इसी दौरान, दोनों संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अस्पताल के ओपीडी स्टाफ ने उन्हें पकड़वाया। मौके पर पहुंची स्पेशल सेल ने पूछताछ और तलाशी के बाद पाया कि उनके मोबाइल फोन में बवाना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मौजूद थी, जिससे दोनों की मंशा और भी संदिग्ध हो गई।
पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों का इरादा सिर्फ बवाना को देखना था या उसके निर्देशों पर कोई साजिश रचने आए थे, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। स्पेशल सेल ने मामले को गंभीर मानते हुए बवाना गैंग से इनकी संभावित कनेक्शन की कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है। दिल्ली पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल में बवाना की मौजूदगी की सूचना इन युवकों को कैसे मिली।
गौरतलब है कि नीरज बवाना दिल्ली-एनसीआर का एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर हत्या, रंगदारी, गैंगवार जैसी कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हैं। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है, लेकिन उसका गैंग अब भी राजधानी में सक्रिय माना जाता है। बवाना ने 2022 में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर धमकी दी थी कि वह इसका बदला लेगा, जिससे उसकी छवि और भी खतरनाक अपराधी की बन गई।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब कस्टडी ट्रांजिट, अस्पतालों और कोर्ट के दौरों के दौरान जेल में बंद खतरनाक कैदियों की निगरानी और कड़ी करने की योजना बना रही है। वहीं, स्पेशल सेल इस मामले को एक बड़े गैंग नेटवर्क से जुड़ी साजिश के रूप में देख रही है, जिसके जरिए नीरज बवाना अपने गिरोह के सदस्यों से संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर सकता है।
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