अहमदाबाद (13 जून 2025): अहमदाबाद से गुरुवार को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 क्रैश हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई। सिर्फ एक यात्री ही इस त्रासदी से जिंदा निकल पाया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्रैश के बाद विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराया, जिसमें कई छात्रों की भी मौत हो गई और कई घायल हो गए। अब सभी की नजरें इस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इतना बड़ा हादसा हुआ कैसे? कैसे उड़ान भरने के महज 5 मिनट बाद ही अत्याधुनिक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर जमीन पर आ गिरा?
भारत की विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस मामले की जांच को लीड कर रही है। साथ ही फ्लाइट में ब्रिटिश नागरिकों की मौजूदगी के कारण ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्रांच (UK-AAIB) भी जांच में भाग ले रही है। लेकिन इस जांच में सबसे चौंकाने वाला नाम है अमेरिका का, क्योंकि अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) भी अब इस जांच में शामिल होने जा रहे हैं।
अमेरिका की भागीदारी की मुख्य वजह यह है कि यह हादसा बोइंग के बनाए विमान में हुआ है और बोइंग एक अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी है। तकनीकी जांच के लिए अमेरिका की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। FAA ने इस मामले में आधिकारिक बयान भी जारी किया है। FAA के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय विमान हादसों में अगर अनुरोध किया जाता है, तो अमेरिका की ओर से NTSB प्रमुख जांच एजेंसी के रूप में प्रतिनिधित्व करती है, जबकि FAA तकनीकी सहयोग प्रदान करता है।
FAA ने कहा है कि वे NTSB के संपर्क में हैं और अगर भारत की तरफ से अनुरोध किया गया तो एक विशेषज्ञ टीम को फौरन रवाना किया जाएगा। उनका कहना है कि इस हादसे की जांच के ज़रिए यह जानना ज़रूरी है कि तकनीकी खामी, पायलट त्रुटि या कोई अन्य कारण इस भीषण त्रासदी का जिम्मेदार है या नहीं।
वहीं, ब्रिटिश एजेंसी UK-AAIB की भागीदारी का कारण फ्लाइट में सवार ब्रिटिश नागरिक हैं, जिनकी जान इस हादसे में गई। इन सभी एजेंसियों का साझा लक्ष्य यही है कि इस दुर्घटना की असल वजह पता लगाई जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
फिलहाल, क्रैश की प्रारंभिक रिपोर्ट का सभी को इंतजार है। लेकिन एक बात तय है कि इस हादसे ने देश ही नहीं, दुनिया को झकझोर दिया है। पीड़ित परिवारों के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है, और अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि आखिर सच्चाई सामने कब आएगी।।
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