नई दिल्ली (12 जून 2025): दिल्ली पुलिस की साख पर एक बार फिर दाग लगा है, जब विजिलेंस टीम ने गोविंदपुरी थाने में तैनात एएसआई सुशील शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस पूरे घटनाक्रम में फिल्मी अंदाज तब देखने को मिला जब आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता से सीधे पैसे लेने के बजाय नजदीक की एक चायवाली महिला के हाथों यह रकम मंगवाई। विजिलेंस टीम (Vigilance Team) ने सूझबूझ से जाल बिछाया और जैसे ही पैसे एएसआई तक पहुंचे, उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ चायवाली महिला को भी हिरासत में लिया गया है, जो इस घूसखोरी के नेटवर्क में बताई जा रही है। यह घटना अब दिल्ली पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार की परतें खोल रही है।
शिकायतकर्ता एक गरीब दिहाड़ी मजदूर है जो गोविंदपुरी इलाके का निवासी है। उसने आरोप लगाया कि उसके और एक अन्य परिवार के बीच हुए झगड़े के मामले में जांच अधिकारी एएसआई सुशील शर्मा (Sushil Sharma) ने उसका नाम हटाने के बदले 10,000 रुपये की मांग की थी। उसने पहले किस्त के रूप में 5,000 रुपये दे दिए थे, लेकिन जब बाकी 5,000 की मांग की गई तो उसने दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट से संपर्क किया। विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक जाल बिछाया और इस भ्रष्टाचार को बेनकाब कर दिया।
चौंकाने वाली बात यह रही कि एएसआई ने बचने के लिए रिश्वत की रकम सीधे न लेकर एक महिला चायवाली के जरिए पैसे मंगवाए। शिकायतकर्ता ने बताए अनुसार उसी चाय की दुकान पर जाकर एएसआई के निर्देश पर 5,000 रुपये सौंपे। जैसे ही यह रकम एएसआई सुशील शर्मा तक पहुंची, विजिलेंस टीम ने दोनों को दबोच लिया। इस दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई ताकि सबूत ठोस रहें। आरोपी एएसआई 1990 में दिल्ली पुलिस में शामिल हुआ था और दो साल से गोविंदपुरी थाने में तैनात था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। विजिलेंस की मानें तो इस तरह के मामलों में आरोपी अधिकारियों द्वारा लोकल संपर्कों के जरिए पैसे लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, ताकि सीधे पकड़े न जा सकें। लेकिन तकनीक और सतर्कता से अब ऐसे हथकंडों को भी नाकाम किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने इस मौके पर आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा किए जा रहे गलत व्यवहार या रिश्वत मांगने की स्थिति में तुरंत शिकायत करें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1064, 011-23417995 और व्हाट्सऐप नंबर 9910641064 जारी किया गया है। साथ ही, लोग चाहें तो बाराखंभा रोड स्थित विजिलेंस यूनिट के दफ्तर में जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह सिस्टम का कोई भी हिस्सा हो।
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