ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक मेट्रो रूट को केंद्र से जल्द मिल सकती है मंज़ूरी
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (27 मई 2025): ग्रेटर नोएडा में मेट्रो विस्तार को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक प्रस्तावित मेट्रो रूट की योजना का प्रेजेंटेशन सोमवार को केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (महुआ) के समक्ष प्रस्तुत किया, साथ ही, एनएमआरसी के अधिकारी बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित एक्सटेंशन लाइन की योजना भी तैयार करके बैठक में पहुंचे थे।
बोड़ाकी रूट को अगले महीने मिल सकती है केंद्र की हरी झंडी
सूत्रों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक के मेट्रो रूट को केंद्र सरकार से अगले महीने मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है। इस मंजूरी के बाद एनएमआरसी इस परियोजना के लिए डिज़ाइन कंसल्टेंट की नियुक्ति करेगा और निर्माण के लिए निविदाएं (टेंडर) जारी की जाएंगी।
यह रूट नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का विस्तार होगा। वर्तमान में एक्वा लाइन नोएडा सेक्टर-51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक संचालित है। नए प्रस्ताव के अनुसार, डिपो से बोड़ाकी तक 2.6 किलोमीटर का एलिवेटेड ट्रैक तैयार किया जाएगा, जिस पर दो स्टेशन जुनपत और बोड़ाकी बनाए जाएंगे। बोड़ाकी स्टेशन को विशेष रूप से बड़ा और आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना की लागत और विशेषताएं
एनएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि इस लघु रूट पर मेट्रो सेवा शुरू करने में लगभग 416 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह जिला नोएडा की सबसे छोटी मेट्रो लाइन होगी। इस रूट का इस्तेमाल दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब (एमएमटीएच) के रूप में भी किया जाएगा। एनएमआरसी के एमडी लोकेश एम ने जानकारी दी कि इस रूट की व्यवहार्यता और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के संबंध में सभी आवश्यक जानकारी मंत्रालय को दी गई है।
बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक 11.56 किमी का नया मेट्रो कॉरिडोर
एनएमआरसी ने बॉटेनिकल गार्डन से नोएडा सेक्टर-142 तक एक और महत्वपूर्ण मेट्रो लाइन का प्रस्ताव भी रखा है। यह 11.56 किलोमीटर लंबी लिंक लाइन पांच वर्षों में पूरी की जाएगी, जिस पर निर्माण कार्य में लगभग 2,254.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस रूट पर प्रतिदिन 1 से 1.25 लाख यात्री सफर करेंगे। प्रदेश कैबिनेट से इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। मंत्रालय में हुए हालिया प्रजेंटेशन के दौरान इस रूट को लेकर पूछे गए दो सवालों के जवाब भी दे दिए गए हैं। इसके बाद इस रूट को भी केंद्र की मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ गई है।
मेट्रो विस्तार से जुड़े लाभ
इन दोनों रूट्स के निर्माण से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी में और सुधार होगा। खासकर बोड़ाकी रूट, जो मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब से जुड़ा है, औद्योगिक विकास और यातायात प्रबंधन के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की यह योजना नोएडा और ग्रेटर नोएडा के शहरी ढांचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले वर्षों में मेट्रो यातायात के जरिए इन क्षेत्रों में सफर करना और भी आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
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