नोएडा एयरपोर्ट बनेगा देश का सबसे बड़ा कार्गो टर्मिनल, दिल्ली का भार होगा कम

टेन न्यूज नेटवर्क

ग्रेटर नोएडा (14 दिसंबर 2024): नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर हवाईअड्डे के नाम से जाना जाता है, जल्द ही देश का सबसे बड़ा कार्गो टर्मिनल बनने जा रहा है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने जानकारी दी कि यह टर्मिनल क्षेत्रफल और माल ढुलाई क्षमता के मामले में देशभर में अभूतपूर्व होगा। यह न केवल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का भार कम करेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के व्यापारियों के लिए भी बड़ी सुविधा साबित होगा।

डॉ. सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के पहले दिन से ही यहां 0.5 मीट्रिक टन माल विदेशों तक पहुंचाने की क्षमता होगी, जिसे तीन सालों में बढ़ाकर 1 मीट्रिक टन किया जाएगा। इसके अलावा, यात्री क्षमता के बढ़ने के साथ यह कार्गो टर्मिनल 2.5 मीट्रिक टन और भविष्य में 11 मीट्रिक टन तक माल ढुलाई की क्षमता हासिल करेगा। यह टर्मिनल 80 एकड़ के विशाल क्षेत्र में बनेगा और दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्गो दबाव को कम करेगा। वर्तमान में दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाले माल का बड़ा हिस्सा अब सीधे जेवर एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जाएगा।

जेवर एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के व्यापारियों को सीधा लाभ होगा। फूड, गारमेंट्स, और मिल्क प्रोडक्शन जैसे उद्योगों को अब माल ढुलाई के लिए दिल्ली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस एयरपोर्ट से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के लॉजिस्टिक्स और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाएगा। क्षेत्रीय उद्योगों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद मिलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का आर्थिक विकास तेज होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल हवाई सफर को आसान बनाएगा, बल्कि इसे देश के आर्थिक और व्यापारिक नक्शे पर एक नई पहचान भी देगा।

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