ग्रेटर नोएडा (28 जनवरी 2025): यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सोमवार को प्रस्तावित ग्रुप हाउसिंग योजना के भूखंडों की नीलामी को स्थगित कर दिया। अब यह नीलामी 7 फरवरी को आयोजित की जाएगी। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने अभी तक अपना कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
ग्रुप हाउसिंग योजना का अपडेट
यमुना प्राधिकरण ने 28 नवंबर 2024 को ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत छह भूखंडों की पेशकश की थी। इन भूखंडों के लिए न्यूनतम तीन या उससे अधिक आवेदन प्राप्त होने की शर्त रखी गई थी। निर्धारित शर्तों के आधार पर केवल कुछ ही भूखंडों के लिए आवश्यक संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद, प्राधिकरण ने भूखंडों की नीलामी के लिए 27 जनवरी 2025 की तारीख तय की थी।
हालांकि, डॉ. अरुणवीर सिंह के कार्यभार संभालने में देरी के कारण नीलामी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। डॉ. सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 जनवरी 2025 को जारी आदेश के तहत छह महीने के लिए यमुना प्राधिकरण के सीईओ के पद पर पुनर्नियुक्त किया था, लेकिन वे अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं।
होटल और संस्थागत भूखंडों की नीलामी पर असर
ग्रुप हाउसिंग योजना के अलावा, होटल और संस्थागत श्रेणी के भूखंडों की नीलामी पर भी इसका असर पड़ा है। होटल श्रेणी में केवल दो भूखंडों के लिए न्यूनतम तीन आवेदन की शर्त पूरी हुई है। संस्थागत भूखंडों के आवंटन को भी 7 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
प्राधिकरण का आधिकारिक बयान
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया को संचालित करने के लिए सीईओ की अनुमति अनिवार्य होती है। चूंकि सीईओ ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, इसलिए सोमवार को प्रस्तावित नीलामी आयोजित नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नीलामी प्रक्रियाओं को अब 7 फरवरी को आयोजित किया जाएगा।
नीलामी प्रक्रिया में देरी से संभावित प्रभाव
नीलामी प्रक्रिया में देरी से प्राधिकरण की योजनाओं और राजस्व पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है। हालांकि, प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रक्रियाएं सीईओ के कार्यभार ग्रहण करने के बाद तेजी से पूरी की जाएंगी।
अगली नीलामी की तैयारियां
अब 7 फरवरी 2025 को भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया आयोजित होगी। प्राधिकरण इस आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। उम्मीद है कि इस तिथि तक सीईओ अपना कार्यभार संभाल लेंगे, जिससे आगे किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।
स्थगन के कारण कई निवेशकों ने निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि ऐसी प्रशासनिक देरी से भूखंड आवंटन प्रक्रिया में अनिश्चितता पैदा होती है। हालांकि, प्राधिकरण का दावा है कि यह स्थगन केवल अस्थायी है, और 7 फरवरी को नीलामी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाएगा।।
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