प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को दी खुली छूट, समय और स्थान तय करेगी सेना

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (29 अप्रैल 2025): 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश चुप नहीं बैठेगा और दुश्मनों को करारा जवाब मिलेगा। हमले के ठीक बाद हुई हाई लेवल मीटिंग में पीएम मोदी ने तीनों सेनाओं थल, वायु और नौसेनाको ऑपरेशनल फ्रीडम दे दी है। उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय अब सेनाएं खुद तय करेंगी। प्रधानमंत्री ने देश को यह संदेश भी दे दिया कि आतंक के खिलाफ भारत अब और भी ज्यादा निर्णायक मोड में आ गया है।

नई दिल्ली में हुई इस आपात बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। इस बैठक का मकसद पहलगाम आतंकी हमले के बाद की रणनीति पर मंथन करना और संभावित जवाबी कदमों को अंतिम रूप देना था। इस दौरान पीएम मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा, “आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। हमारी सेनाओं को पूरा भरोसा है और उनके प्रोफेशनल निर्णयों पर सरकार को पूरा विश्वास है।”

प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों को ये स्पष्ट संकेत दिया कि उन्हें जवाबी कार्रवाई के लिए किसी और मंजूरी की ज़रूरत नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे पूर्व उदाहरणों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब दिया जाएगा, और इस बार की सजा उसकी कल्पना से परे होगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत अपने नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेगा और आतंक को पनाह देने वालों को हर हाल में सबक सिखाया जाएगा।

पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे। यह घटना पिछले कई वर्षों में नागरिकों पर हुआ सबसे घातक हमला माना जा रहा है। इस हमले के बाद देशभर में गुस्से की लहर दौड़ गई है और लोग आतंकियों के साथ-साथ उनके सरपरस्तों खासतौर पर पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मोदी सरकार की अब तक की नीति रही है कि वह आतंक के खिलाफ निर्णायक और साहसी कदम उठाने से पीछे नहीं हटती। 2016 में उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक इसका प्रमाण हैं। ऐसे में अब फिर से देश की निगाहें सरकार और सेनाओं पर हैं। जनता को भरोसा है कि इस बार भी भारत चुप नहीं बैठेगा और जवाब ऐसा होगा जो आने वाले समय में आतंक की राह पर चलने वालों के लिए चेतावनी बन जाएगा।

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