कांग्रेस की विवादित पोस्ट से मचा बवाल: अधिवक्ता ने दर्ज कराई आपराधिक शिकायत
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (29 अप्रैल 2025): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस द्वारा की गई आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर देशभर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह विवाद उस वक्त और गहराया जब अधिवक्ता विनीत जिंदल ने इस पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस के कमिश्नर से शिकायत करते हुए आपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर जानकारी देते हुए कहा कि यह पोस्ट न केवल अपमानजनक है, बल्कि हिंसा भड़काने वाली है और देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ गंभीर रूप से उकसाने वाली भी। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने इस पोस्ट की तीखी आलोचना की थी, पर अब मामला औपचारिक शिकायत और कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ गया है।
विवाद की शुरुआत कांग्रेस की उस पोस्ट से हुई जिसमें पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर से उनका सिर हटाकर उस पर “गायब” शब्द लिखा गया। यह छवि सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विवाद की वजह बन गई। भाजपा नेताओं ने इसे न केवल अशोभनीय बताया, बल्कि इसे आतंकी मानसिकता से जोड़ते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ता विनीत जिंदल ने इस पोस्ट को “खतरनाक रूप से उग्रवादी नारे सर तन से जुदा का महिमामंडन” करने वाला बताया और कहा कि यह सीधे तौर पर देश के नेतृत्व के विरुद्ध हिंसा भड़काने की साजिश है।
विनीत जिंदल की ओर से की गई शिकायत में मांग की गई है कि इस विवादित पोस्ट पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने भारतीय दंड संहिता की नई धाराओं—BNS की धारा 153 (दंगे भड़काना), 144 (गैरकानूनी जमावड़ा), 196 (राजद्रोह से संबंधित अपराधों का समर्थन), 124 (राजनीतिक नेतृत्व के प्रति विद्वेष फैलाना), 352 (जानबूझकर अपमान करना)—के तहत मामला दर्ज करने को कहा है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत भी कार्यवाही की मांग की गई है, जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपराधों को नियंत्रित करती है।
इस पूरे मामले पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कांग्रेस की इस पोस्ट की तुलना आतंकी संगठन गजवा-ए-हिंद के प्रचार से कर दी। दुबे ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस और आतंकी संगठनों के बीच कोई सांठगांठ है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों के सोशल मीडिया पोस्ट एक ही शैली और भाषा में हैं, जिससे संदेह गहरा होता जा रहा है। उनके बयान ने इस विवाद को राजनीतिक से अधिक राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे में तब्दील कर दिया है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और मामले की कानूनी समीक्षा शुरू कर दी है। यदि एफआईआर दर्ज होती है, तो यह कांग्रेस के लिए आगामी चुनावों से पहले बड़ा झटका हो सकता है। वहीं भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाकर कांग्रेस की छवि को और नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकती है। यह विवाद न केवल सोशल मीडिया पर उबाल ला रहा है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर रहा है।
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