“स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाना और वित्त प्रबंधन” विषय पर कार्यशाला का सफल आयोजन
आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा “स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाना और वित्त प्रबंधन” विषय पर एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, नवाचार प्रेमी शिक्षकों और उभरते हुए उद्यमियों को स्टार्टअप फंडिंग और वित्तीय प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विषय विशेषज्ञ रहे राजीव गुप्ता, संस्थापक – HEMATO Solutions Pvt. Ltd., एवं पूर्व CXO – CISCO, MOTOROLA एवं NOKIA | गुप्ता ने अपने गहन कॉर्पोरेट अनुभव और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सक्रिय भागीदारी के आधार पर प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
कार्यशाला की शुरुआत डॉ. मयंक गर्ग, निदेशक, आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज एवं अध्यक्ष, IIC-ITSEC द्वारा स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने संस्थान की नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
राजीव गुप्ता ने स्टार्टअप्स के लिए वित्त जुटाने की विभिन्न अवस्थाओं — सीड फंडिंग, एंजल निवेश, वेंचर कैपिटल और सीरीज़ A/B/C आदि पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह बताया कि किस प्रकार संस्थापकगण अपने व्यवसाय के विकास के अनुरूप उपयुक्त निवेशकों और फंडिंग चरण का चयन करें। उन्होंने यह भी बताया कि निवेशक किस प्रकार के स्टार्टअप्स में निवेश करना पसंद करते हैं — जैसे कि बाज़ार की संभावनाएँ, संस्थापक का अनुभव, स्केलेबिलिटी, यूनिट इकोनॉमिक्स, और स्पष्ट एग्ज़िट रणनीति।
सत्र का एक रोचक हिस्सा था स्टार्टअप वैल्यूएशन और प्रारंभिक निवेश में अत्यधिक इक्विटी डाइल्यूशन से बचाव पर चर्चा। प्रतिभागियों को व्यावहारिक सलाह और व्यक्तिगत अनुभवों के उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरल और उपयोगी बनाया गया।
कार्यशाला का समापन डॉ. राजीव रंजन, संयोजक – IIC-ITSEC द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों, छात्रों और आयोजन टीम की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
इस कार्यशाला में छात्रों, शिक्षकों और युवा उद्यमियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इस आयोजन ने न केवल स्टार्टअप फंडिंग की जटिलताओं को सरलता से समझाया, बल्कि छात्रों को वित्तीय योजना को उद्यमिता का मूल स्तंभ मानने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यशाला IIC-ITSEC द्वारा नवाचार, उद्यमिता और व्यावहारिक कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।
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