दिल्ली पुलिस की ड्रग माफियाओं पर बड़ी चोट, अफगान-पाक सिंडिकेट का खुलासा, 10 गिरफ्तार

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (20 अप्रैल 2025): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन ‘क्लीन स्वीप’ के तहत 10 कुख्यात तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे 1667 ग्राम अफगानी हेरोइन, 130 ग्राम संदिग्ध नशीले पदार्थ और लगभग 10 करोड़ की अवैध संपत्तियों का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार अफगानिस्तान और पाकिस्तान से लेकर अमेरिका और ब्रिटेन तक फैले हुए हैं। पूरे गिरोह की सरगना ‘शाजिया पीर’ बताई जा रही है, जो दिल्ली के पॉश इलाके जंगपुरा एक्सटेंशन में आलीशान घर में रहकर यह अंतरराष्ट्रीय नशा कारोबार चला रही थी। तफ्तीश में सामने आया कि यह ड्रग सिंडिकेट मोबाइल गेम PUBG और व्हाट्सएप चैट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा था। इससे जुड़े आरोपी भारत में युवाओं और बच्चों को ‘ड्रग कैरियर’ बनाने की साजिश में शामिल थे। पुलिस ने इस नेटवर्क को “डिजिटल नार्को टेरर” करार दिया है।

गिरफ्तारी की शुरुआत फरवरी में हुई, जब कश्मीर के फहीम फारूक को एक किलो हेरोइन के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में जो बातें सामने आईं, उसने पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया। फहीम की व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि वह शाजिया पीर के सीधे संपर्क में था और दोनों दिल्ली लाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल करना चाहते थे।पुलिस ने मुरथल के एक ढाबे से ‘हरि’ नाम के सप्लायर को ट्रैक किया, जो असल में परमिंदर सिंह उर्फ पप्पू निकला। वह कई पुराने केस में वांछित था और अब लुधियाना से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी से पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर सक्रिय नेटवर्क के कई सिरों तक पहुंचने का रास्ता खुला।

इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब आरोपी जशनप्रीत सिंह ने कबूला कि उसने पाकिस्तान से ड्रग्स की डील PUBG गेम के माध्यम से की थी। मोबाइल गेम के जरिए सिंडिकेट के सदस्य सुरक्षित संवाद करते थे, जिससे पुलिस को लंबे समय तक भनक नहीं लगी।जांच में खुलासा हुआ कि जावेद नामक तस्कर दिल्ली में नशा बेचता था, जिसे पंजाब के सलविंदर उर्फ गोरा और सोनू सप्लाई करते थे। इसके अलावा रवि शेर सिंह और मनजिंदर के पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई। इन सभी के तार शाजिया के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, इस गैंग ने दिल्ली और पंजाब के युवाओं को निशाना बना रखा था। इनकी योजना पूरे NCR क्षेत्र को नशे में डुबोने की थी। जब्त की गई संपत्तियों में फ्लैट्स, लग्जरी गाड़ियाँ और नकद रकम शामिल है, जिसकी अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) जांच कर रही है। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस केस को देश की सबसे बड़ी ड्रग रैकेट जांचों में से एक मान रही है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि “यह केवल एक ड्रग नेटवर्क नहीं था, बल्कि यह भारत की युवा पीढ़ी के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश थी, जिसे हमने वक्त रहते बेनकाब कर दिया।”


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : हिंदी न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टिप्पणियाँ बंद हैं।