नई दिल्ली (12 दिसंबर 2024): दिल्ली में पर्यावरण सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी 43 करोड़ रुपये की राशि का केवल 32 प्रतिशत उपयोग किए जाने को लेकर चांदनी चौक से बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने संसद में कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने दिल्ली सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब दिल्ली की जनता प्रदूषण से जूझ रही है, तब सरकार प्रदत्त धनराशि का सही उपयोग करने में असमर्थ साबित हुई है।”
सांसद का केंद्र और दिल्ली सरकार पर तीखा प्रहार
प्रवीण खंडेलवाल ने संसद में बहस के दौरान कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत दिल्ली सरकार को वित्तीय सहायता दी गई थी ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि 2019-20 से 2024-25 के बीच जारी धनराशि में से अधिकांश राशि का उपयोग नहीं किया गया।
खंडेलवाल ने दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “यह केवल कागजी योजनाओं तक सीमित रह गया है। सरकार की अक्षमता के चलते जनता को स्वच्छ वायु का अधिकार नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली में प्रदूषण स्तर कम करने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है।”
प्रदूषण नियंत्रण पर सुझाव
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि दिल्ली सरकार को जारी धनराशि के उपयोग की सख्त मॉनिटरिंग की जाए और समयबद्ध तरीके से योजनाओं को लागू किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में प्रदूषण के प्रमुख कारणों जैसे वाहनों, उद्योगों और निर्माण कार्यों पर नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाई जानी चाहिए।
प्रवीण खंडेलवाल के इन बयानों के बाद संसद में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई, और केंद्र सरकार ने इस पर जांच कराने का आश्वासन दिया।।
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