WAQF Amendment Bill पर क्या बोले बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद | 10 प्रमुख बिंदु
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (02 अप्रैल 2025): वक्फ संशोधन विधेयक 2024 (WAQF Amendment Bill) को लोकसभा में आज पेश किया गया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बिल पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने पूर्व की सरकार की कमियों को उजागर करते हुए वर्तमान सरकार की मुस्लिम समुदाय के लिए किए गए कार्यों को गिनाया। साथ ही उन्होंने इस संशोधन विधेयक के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर किया। आइए जानते हैं 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं में उन्होंने बिल को लेकर क्या कहा।
1. संविधान की ‘हरी किताब’ और आर्टिकल 15 का हवाला
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संसद में ‘हरी किताब’ यानी भारतीय संविधान को लेकर आए हैं। उन्होंने आर्टिकल 15 का जिक्र करते हुए कहा कि लिंग, भाषा, क्षेत्र और नस्ल के आधार पर भेदभाव नहीं हो सकता। सरकार मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बिल ला रही है तो यह गलत कैसे हो सकता है? उन्होंने विपक्ष से पूछा कि यदि वक्फ बोर्ड में पिछड़े मुसलमानों को प्रतिनिधित्व देने की बात हो रही है, तो परेशानी क्या है? विपक्ष के तुष्टीकरण के कारण वक्फ कानून में हमेशा मौलानाओं के दबाव में बदलाव हुए हैं।
2. शाहबानो केस और मुस्लिम महिलाओं का अधिकार
उन्होंने शाहबानो केस का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कांग्रेस सरकार ने पलट दिया था। 75 साल की विधवा महिला को कुछ सौ रुपये देने पर भी राजनीति हुई। उन्होंने कहा कि सायरा बानो तक यही कहानी चलती रही है, मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को दबाया गया। तीन तलाक मामले में भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की। जब सरकार मुस्लिम महिलाओं को न्याय देने का प्रयास करती है, तो इसका विरोध क्यों किया जाता है?
3. वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग और पारदर्शिता का सवाल
भारत में 8.2 लाख से अधिक वक्फ संपत्तियां हैं। रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि इन संपत्तियों से कितने स्कूल, अस्पताल और अनाथालय बनाए गए? सरकार की मंशा है कि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग हो और वे दलालों के हाथों में न जाएं। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग न होने से समाज को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रही है, लेकिन विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।
4. विपक्ष के दोहरे रवैये पर सवाल
उन्होंने कहा कि विपक्ष एक ओर वक्फ कानून में बदलाव की मांग करता है, दूसरी ओर उसका विरोध भी करता है। कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में उलझी हुई है और मुस्लिम समाज के विकास की परवाह नहीं करती। वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने से किसे परेशानी हो सकती है?उन्होंने विपक्ष से पूछा कि आखिर वे चाहते क्या हैं संशोधन या यथास्थिति? सरकार ने पहले भी मुस्लिम समाज के विकास के लिए कई सुधार किए, लेकिन उनका विरोध किया गया।
5. क्रिश्चियन समाज की नाराजगी और धर्मनिरपेक्षता का सवाल
उन्होंने पूछा कि आज क्रिश्चियन समाज क्यों दुखी है? कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए कि उनकी सरकार में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए क्या किया गया? भारत के मुसलमानों के आदर्श कौन होने चाहिए स्वतंत्रता संग्राम के नायक या वोट बैंक की राजनीति करने वाले? उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। धर्म के नाम पर राजनीति करने से देश को नुकसान होगा।
6. CAA और अल्पसंख्यकों का मुद्दा
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर विपक्ष के विरोध को भी राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू, सिख और ईसाई समुदायों को भारत में शरण दी गई क्योंकि वे उत्पीड़न के शिकार थे। इससे भारत के मुसलमानों पर कोई असर नहीं पड़ा, फिर भी विरोध किया गया।विपक्ष ने इसे भी मुस्लिम समाज के खिलाफ बताने की कोशिश की।उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।
7. राजीव गांधी सरकार और शाहबानो केस
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को एक बार 400 सीटें मिली थीं, लेकिन शाहबानो प्रकरण ने कांग्रेस को कमजोर कर दिया।कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया।इसी तरह के कई फैसले कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक लाभ के लिए लिए।उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति अब नहीं चलेगी।सरकार सभी नागरिकों के हित में फैसले लेगी, न कि केवल किसी विशेष समुदाय के लिए।
8. वक्फ कानून पर सरकार का पक्ष
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वक्फ कानून में किए जा रहे बदलाव असंवैधानिक नहीं हैं। संविधान का अनुच्छेद 25 यह अधिकार देता है कि सरकार कानून बना सकती है। पिछड़े मुसलमानों को वक्फ बोर्ड में अवसर मिलना चाहिए, इससे भेदभाव खत्म होगा। यदि वक्फ की संपत्ति लूटी जा रही है, तो सरकार इसे रोकने के लिए कदम क्यों न उठाए?उन्होंने कहा कि यह धर्म से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और सुशासन से जुड़ा है।
9. वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर नियंत्रण की जरूरत
वक्फ की संपत्तियों को दलालों और बिचौलियों से बचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग हो।यदि इन संपत्तियों से आमदनी हो रही है, तो उसका सही उपयोग किया जाना चाहिए। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, इसलिए इसकी जमीन को नियंत्रित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार मुस्लिम समाज के हित में काम कर रही है, लेकिन कुछ लोग इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
10. देश की एकता और विकास पर जोर
उन्होंने कहा कि यह समय देश की एकता और विकास को प्राथमिकता देने का है। भारत के मुसलमानों को भी समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए।सरकार किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी के अधिकारों की रक्षा कर रही है।उन्होंने कहा कि विपक्ष को राजनीति छोड़कर समाज के विकास पर ध्यान देना चाहिए।अंत में उन्होंने अपील की कि संसद में होने वाली बहस को राष्ट्रहित में देखा जाना चाहिए।
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