दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल सरकार पर “फरिश्ते योजना” को लेकर लगाए गंभीर आरोप!
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (31 मार्च 2025): दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने पूर्व की अरविंद केजरीवाल सरकार की फरिश्ते स्कीम को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के नाम पर एक घोटाले का नया तरीका थी, जिसके तहत निजी अस्पतालों और सरकार के बीच गड़बड़ियां हुईं। सचदेवा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सही थी, तो सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए अलग से इस योजना की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने दावा किया कि इस योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में पीड़ितों को भेजकर बड़े-बड़े बिल तैयार करवाए गए और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया।
भाजपा ने फरिश्ते स्कीम को बताया असफल योजना
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2015 से अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती रही, लेकिन 2017 में फरिश्ते स्कीम लाकर खुद ही अपनी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा कर दिया। भाजपा नेता के मुताबिक, यदि सरकारी अस्पताल इतने सक्षम थे, तो सड़क दुर्घटना पीड़ितों को सीधे वहीं इलाज क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को यह जानना चाहिए कि इस योजना के माध्यम से कैसे जनता के पैसों का दुरुपयोग किया गया।
क्या है फरिश्ते स्कीम?
दिल्ली सरकार ने 2017 में फरिश्ते स्कीम शुरू की थी, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। इस योजना के तहत, पीड़ितों को निजी अस्पतालों में भेजा जाता था और इलाज का खर्च सरकार उठाती थी। सरकार का दावा था कि इससे सड़क दुर्घटना के घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिली और उनकी जान बचाई जा सकी। हालांकि, भाजपा का आरोप है कि इस योजना का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के लिए किया गया।
भाजपा ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि इस योजना के जरिए पूर्व की सरकार ने निजी अस्पतालों से मिलकर फर्जी बिलिंग कराई और सरकारी धन को गलत तरीके से इस्तेमाल किया। उन्होंने मांग की कि इस योजना के तहत हुए सभी लेन-देन की जांच होनी चाहिए और यदि कोई घोटाला हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली की जनता को पारदर्शिता चाहिए और उन्हें यह जानने का हक है कि उनके कर के पैसों का सही इस्तेमाल हुआ या नहीं।
फरिश्ते स्कीम पर उठे सवालों के बाद केजरीवाल पर दबाव बढ़ता जा रहा है। पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी आम आदमी पार्टी (AAP) अब इस नए विवाद में फंसती दिख रही है। भाजपा ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले की जांच के लिए वे कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। अब देखना होगा कि केजरीवाल इस मुद्दे पर क्या सफाई देते है और क्या इस योजना में कोई अनियमितता पाई जाती है या नहीं।
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