नई दिल्ली (27 मार्च 2025): दिल्ली सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2025-26 को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में कर संग्रह में वृद्धि के बावजूद जनकल्याणकारी योजनाओं में भारी कटौती की गई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी और भाजपा, दोनों पर जनता के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है।
देवेन्द्र यादव ने सवाल उठाया कि आखिर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर सरकार चुप क्यों है? उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने अपना बजट पेश किया, लेकिन महिलाओं के लिए कोई नई योजना नहीं लाई गई, जिससे साफ है कि महिला सशक्तिकरण इनके लिए सिर्फ चुनावी वादा मात्र था। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा में बजट पर चर्चा कराने से भाजपा बच रही है और जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक राजनीति का सहारा ले रही है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार का कर संग्रह लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में जीएसटी और वैट से कर संग्रह 41,000 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन इसके बावजूद शिक्षा, जल आपूर्ति, स्वच्छता, आवास, शहरी विकास, ऊर्जा, कृषि, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट में कटौती कर दी गई है। प्रशासनिक खर्च को भी 49% से घटाकर 41% कर दिया गया, जिससे सरकारी नौकरियों पर संकट गहराने की आशंका है।
शिक्षा क्षेत्र पर गंभीर कटौती को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में योग योजना, समर कैंप, उत्कृष्टता विद्यालयों, दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी को अनुदान, और ग्रामीण छात्राओं के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा जैसी कई योजनाओं की घोषणा तो की, लेकिन इनके लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया गया। उच्च शिक्षा गारंटी योजना में भी कटौती कर दी गई, जिससे छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
दिल्ली सरकार की ‘मुख्यमंत्री मातृ वंदना योजना’ को दिखावा बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस योजना के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को दी जाने वाली राशि में लगातार कटौती की जा रही है। 2021 में 28.31 करोड़ रुपये, 2022 में 31.46 करोड़ रुपये और 2023 में 27.15 करोड़ रुपये की मदद मिली, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम है। इससे स्पष्ट है कि मातृ स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता में कटौती करने के फैसले को आम जनता के लिए बड़ा झटका बताते हुए देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को मिलने वाली सहायता राशि में कटौती कर दी है। साथ ही, ऑटो चालकों के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी सीमित कर दिया गया है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर मदद नहीं मिल पाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली की जनता नगर निगम, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को टैक्स तो देती है, लेकिन बदले में कोई सुविधा नहीं मिल रही। सरकार का पूरा ध्यान राजस्व बढ़ाने पर है, लेकिन उसका सही उपयोग जनता के हित में नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी और इस जनविरोधी बजट के खिलाफ आवाज उठाएगी। उन्होंने भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों से सवाल किया कि आखिर बढ़ते कर संग्रह के बावजूद जनकल्याणकारी योजनाओं में कटौती क्यों की जा रही है?
उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील करते हुए कहा कि यह बजट जनता के लिए राहत नहीं, बल्कि आफत लेकर आया है। कांग्रेस इस बजट का विरोध करेगी और जनता के हितों की अनदेखी करने वाली सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए संघर्ष करेगी।।
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