टैक्सटाइल पर 28% जीएसटी से व्यापारियों पर संकट, मोदी सरकार पर चीन को धंधा दिलवाने के आरोप

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (10 दिसंबर 2024): केंद्र सरकार की ओर से टैक्सटाइल इंडस्ट्री पर 28% जीएसटी लगाने की संभावनाओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील गुप्ता ने इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की जगह कंज्यूमर हब बना रही है। उन्होंने कहा कि पहले 5% से 12% जीएसटी बढ़ाने के बाद से ही इंडस्ट्री प्रभावित हुई है और अब 28% टैक्स लगाने से व्यापारियों की कमर टूट जाएगी।

मोदी सरकार पर गंभीर आरोप

सुशील गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में थोक कपड़ा बनाने, युवाओं के लिए नौकरियां बढ़ाने और आम लोगों को सस्ते कपड़े उपलब्ध कराने की बजाय चीन को फायदा पहुंचाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि टैक्सटाइल इंडस्ट्री पर अतिरिक्त टैक्स लगाने से छोटे और मझोले व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा। इससे न केवल देश में कपड़ा मैन्युफैक्चरिंग कम होगी, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियों का नुकसान होगा।

गुप्ता ने कहा कि पहले ही 12% जीएसटी लागू होने के बाद छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। कई व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद कर दिया, जिससे रोजगार के मौके भी घट गए। उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादा टैक्स से भारतीय बाजार में चीनी और बांग्लादेशी कपड़ों का दबदबा बढ़ रहा है।

‘व्यापारियों को देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है’

सुशील गुप्ता ने चिंता जताई कि पिछले एक दशक में लाखों भारतीय, जिनमें हजारों बड़े व्यापारी शामिल हैं, देश छोड़कर जा चुके हैं। उन्होंने कहा, “हमें ऐसी अर्थव्यवस्था बनानी चाहिए कि ये व्यापारी वापस लौटें, लेकिन सरकार की नीतियां उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर कर रही हैं।”

आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि टैक्सटाइल इंडस्ट्री पर 28% जीएसटी लगाने की योजना को तुरंत रद्द किया जाए। सुशील गुप्ता ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यह कदम देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।

टैक्सटाइल इंडस्ट्री पर बढ़ता टैक्स न केवल व्यापारियों बल्कि आम जनता को भी प्रभावित करेगा। इस विवादित मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से विचार करना होगा ताकि इंडस्ट्री, व्यापार और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।।

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