राज्यसभा में गरजे अमित शाह: आतंकवाद, उग्रवाद और वामपंथी उग्रवाद देश के लिए नासूर
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (21 मार्च 2025): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा के दौरान कहा कि देश के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और वामपंथी उग्रवाद रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीति आतंकवाद के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की रही है और इसके परिणामस्वरूप देशभर में आतंकी घटनाओं में बड़ी गिरावट आई है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद लगभग समाप्ति की ओर है, पूर्वोत्तर में उग्रवाद पर नियंत्रण पा लिया गया है और वामपंथी उग्रवाद 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
370 हटाकर ‘एक संविधान, एक ध्वज’ का सपना हुआ पूरा
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 की वजह से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा मिलता रहा था। लेकिन 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने इसे हटाकर संविधान निर्माताओं के ‘एक संविधान, एक ध्वज, एक प्रधान’ के सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब हालात सामान्य हो चुके हैं—पहले जहां शाम के समय सिनेमा हॉल बंद हो जाते थे, वहीं अब रात में भी खुले रहते हैं। कश्मीर में G-20 बैठक का सफल आयोजन, मुहर्रम के जुलूस का शांतिपूर्ण निकास, और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत लाल चौक पर तिरंगा लहराना यह दर्शाता है कि कश्मीर में शांति लौट आई है।
अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में आतंकी घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि 2019-2024 के दौरान आतंकी घटनाओं में 70% की कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान जम्मू-कश्मीर में 40,000 सरकारी नौकरियां दी गईं, 12,000 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश हुआ, और 1.1 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।
मोदी सरकार की सख्त नीति: उरी-पुलवामा हमलों का सख्त जवाब
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीति आतंकवाद के प्रति नरम रवैया अपनाने की नहीं, बल्कि कड़े कदम उठाने की रही है। उन्होंने कहा कि उरी और पुलवामा हमलों के बाद सरकार ने महज 10 दिनों के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि अब कश्मीर में हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। पहले जब कोई आतंकवादी मारा जाता था, तो बड़े-बड़े जुलूस निकाले जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। अब आतंकवादियों को वहीं दफना दिया जाता है और आतंकवाद के समर्थकों पर सरकारी नौकरियों, पासपोर्ट और सरकारी ठेकों में प्रतिबंध लगाया गया है।
देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयास
गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद, साइबर अपराध, नारकोटिक्स, हवाला और संगठित अपराध जैसे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब भारत भी उन देशों की सूची में शामिल हो चुका है, जो अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल की तरह अब भारत भी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करता।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अगले छह महीनों में स्वदेशी ड्रोन-रोधी तकनीक विकसित कर लेगा, जिससे सीमाओं पर होने वाली घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोका जा सकेगा।
नशीली दवाओं पर बड़ी कार्रवाई
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 23,000 किलोग्राम से अधिक ‘सिंथेटिक’ नशीली दवाओं को नष्ट किया गया, जिनकी कीमत 14,000 करोड़ रुपये से अधिक थी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से श्रीलंका तक नशीली दवाओं की तस्करी हो रही थी, जिसे रोका गया।
उन्होंने कहा कि गुजरात में ड्रग्स पकड़े जाने पर विपक्ष सवाल उठाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि सरकार देशभर में नशीली दवाओं के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की सुरक्षा सर्वोपरि
गृह मंत्री अमित शाह के बयान से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता देश की सुरक्षा को मजबूत करना और आतंकवाद, उग्रवाद और संगठित अपराधों का पूरी तरह सफाया करना है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से देश में आतंकवाद और उग्रवाद की घटनाएं तेजी से कम हो रही हैं और आने वाले समय में भारत एक और अधिक सुरक्षित राष्ट्र बनेगा।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार 31 मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने, जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करने, और देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : हिंदी न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टिप्पणियाँ बंद हैं।