नोएडा में साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर की एक करोड़ 15 लाख की ठगी

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा(20 मार्च 2025): साइबर ठगों ने नोएडा के एक कंसल्टेंसी फर्म के संचालक को निवेश के नाम पर एक करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने पहले मुनाफा दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे उन्हें बड़े निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने इस धोखाधड़ी की शिकायत साइबर क्राइम थाना में दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ठगी का शिकार हुआ मयंक गुप्ता

सेक्टर-18 निवासी मयंक गुप्ता, जो कि एक इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी फर्म के संचालक हैं, ने 27 जनवरी को अपनी मोबाइल पर एक कॉल प्राप्त की। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम ‘रिशीता’ बताया और खुद को फाइनेंस के क्षेत्र में विशेषज्ञ बताते हुए मयंक को कम निवेश पर मुनाफा कमाने का झांसा दिया। उसने मयंक को ‘कैटलिस्ट ग्रुप स्टार’ और ‘पी कैटरमार्केटस्’ जैसे फर्जी पोर्टल्स पर निवेश करने की सलाह दी।

मुनाफे का झांसा और बढ़ते निवेश

रिशीता की बातों में आकर मयंक ने 31 जनवरी को एक लाख रुपये निवेश किए। इसके बाद उसे 15,000 रुपये का मुनाफा मिला, जिससे उसका भरोसा और बढ़ा। शिकायतकर्ता ने अपनी रकम निकालने की इच्छा जताई, तो उसे बताया गया कि वह कभी भी अपना निवेश निकाल सकता है। इस मुनाफे को देखकर मयंक ने और पैसे निवेश करने की योजना बनाई और अगले कुछ दिनों में उन्होंने कुल 65 लाख रुपये का निवेश कर दिया।

इस निवेश के बदले मयंक को 1.68 करोड़ रुपये का मुनाफा मिलने का दावा किया गया। ठगों ने उसे पूरी रकम निकालने का प्रलोभन दिया और इसके बदले कुछ और रकम जमा करने की मांग की। मयंक ने 3 मार्च को सरकारी कर के नाम पर 31 लाख रुपये का भुगतान किया, फिर भी रकम नहीं मिली।

सुरक्षित निकासी के नाम पर और ठगी

रिशीता और उसके साथियों ने मयंक से आगे एक और राशि की मांग की। इस बार उन्हें कनवर्सन चार्ज के नाम पर 18 लाख 56 हजार रुपये भेजने के लिए कहा गया, ताकि वह रकम निकाल सके। मयंक ने एक बार फिर उनकी बात मानी और रकम भेज दी, लेकिन 24 घंटे बाद भी उसे कोई पैसा प्राप्त नहीं हुआ।

ठगी का अहसास और शिकायत

जब मयंक ने ठगों से संपर्क किया और अपनी राशि वापस मांगी, तो उन्होंने मयंक से सिक्योरिटी मनी के नाम पर 40 लाख रुपये की और मांग की। इस पर मयंक को समझ में आ गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उन खातों की जांच शुरू कर दी है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

साइबर क्राइम थाना प्रभारी रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को ठगी में शामिल खातों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल चुकी है, और जांच की जा रही है। इस मामले में आरोपी महिला रिशीता के साथ अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। पुलिस ने लोगों को निवेश के नाम पर ठगी से सावधान रहने की चेतावनी दी है और सलाह दी है कि बिना सही जानकारी के किसी भी प्रकार के निवेश से बचना चाहिए।

साइबर ठगी से बचने के उपाय

पुलिस ने आम जनता को इस तरह की साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। ठगों द्वारा धोखाधड़ी करने के लिए अक्सर आकर्षक मुनाफे का लालच दिया जाता है, लेकिन इस प्रकार के फर्जी निवेश योजनाओं से बचना चाहिए और केवल प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों से ही निवेश करना चाहिए।।


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