दिल्ली पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को क्यों रोका, जानें पूरा मामला

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (17 मार्च 2025): जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को आज दिल्ली में प्रवेश से रोक दिया गया। वह गाय के मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों से चर्चा करने के लिए दिल्ली आए थे, लेकिन नरेला पुलिस ने उन्हें रोक लिया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पहले कुंभ मेले में सभी राजनीतिक दलों से गौ हत्या पर उनकी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि 17 मार्च को रामलीला मैदान में शाम 5:00 बजे तक वह राजनीतिक दलों के जवाब का इंतजार करेंगे। यदि कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तो वह हर राजनीतिक दल के दरवाजे पर जाकर उनकी मंशा पूछेंगे।

दिल्ली में प्रवेश से पहले शंकराचार्य ने कहा था कि राजनीतिक दलों को स्पष्ट करना होगा कि वे गौ हत्या के पक्ष में हैं या विरोध में। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पिछले 78 सालों से गौ हत्या जारी है और राजनीतिक दल चुप हैं, तो इसका क्या अर्थ है? उन्होंने हिंदुओं से भी अपील की कि वे पहले खुद को हिंदू समझें और गौ हत्या के खिलाफ एकजुट हों। उनके अनुसार, हिंदू स्वभाव से ही गौरक्षक होता है और वह गाय की हत्या होते नहीं देख सकता। यदि देश में गौ हत्या जारी है, तो यह हिंदू समाज की कमजोरी को दर्शाता है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि कई लोग हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे हैं, लेकिन यदि हिंदू राष्ट्र बनने के बाद भी गौ हत्या जारी रही, तो इसका कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने हिंदुओं से जागरूक होने और गौ हत्या को पूरी तरह से बंद करने के प्रयास करने की अपील की। उनके इस अभियान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने से रोक दिया गया।।

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