वकीलों से विवाद और तबादले के बाद शाहदरा जिले के ACP मनस्वी वशिष्ठ ने जारी किया बयान

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (31 October 2026); दिल्ली के शाहदरा थाने में पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। गांधी नगर के एसडीपीओ रहे एसीपी मनस्वी वशिष्ठ (Manasvi Vashisht) का तबादला एसपीयूडब्ल्यूएसी (SPUWAC) में कर दिया गया है। वकीलों के साथ हुए विवाद और उसके बाद सामने आए आरोपों के बीच उनका यह तबादला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस के अपने साथियों के नाम एक बयान जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से मिले समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद वह अंदर से बिल्कुल भी नहीं टूटे हैं, बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं।

अपने संदेश में मनस्वी वशिष्ठ ने कहा, “सबसे पहले मैं पुलिस के सभी भाइयों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। सभी पुलिसकर्मियों ने जिस तरह मुझे समर्थन दिया है, उसके लिए मैं तहे दिल से उनका आभारी हूं। मेरे साथ जो भी घटना हुई, उसके बाद आप सभी से जो समर्थन मिला है, उससे मैं अंदर से टूटा नहीं हूं, बल्कि और मजबूत हुआ हूं।” उन्होंने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने सोमवार सुबह 8 बजे पुलिस मुख्यालय (PHQ) में एकत्रित होकर उनके समर्थन में एकजुटता दिखाने का आह्वान किया है। इस पहल पर उन्होंने खुशी जताई, लेकिन साथ ही पुलिस बल के अनुशासन और उसकी गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव का सुझाव दिया।

एसीपी ने पुलिसकर्मियों से अपील की कि पुलिस मुख्यालय में एकत्रित होने के बजाय पुलिस कमिश्नर के साथ खुले संवाद का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस चर्चा में अधिक से अधिक पुलिसकर्मियों को शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए और जो ड्यूटी के कारण नहीं पहुंच सकते, वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें हिस्सा लें। मनस्वी वशिष्ठ के मुताबिक, इस चर्चा में उनके साथ हुई घटना से जुड़े सभी पहलुओं, अब तक हुई बातचीत और पुलिस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सवालों को भी उठाया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से इस तरह की खुली चर्चा की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

अपने संदेश में उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पूरे पुलिस बल के लिए पिता समान बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मी अपने मुखिया के सामने आकर कुछ महत्वपूर्ण सवाल रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस एक अनुशासित फोर्स है और इसलिए अपनी बात रखने का तरीका भी अनुशासन के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने यह भी अपील की कि आवश्यक सेवाओं और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को छोड़कर अधिक से अधिक साथी इस चर्चा में शामिल हों। उनका यह संदेश ऐसे समय आया है, जब शाहदरा थाने में हुए विवाद को लेकर पुलिस विभाग के भीतर भी समर्थन और सवालों का माहौल बना हुआ है।

दरअसल, विवाद की शुरुआत 24 अक्टूबर को हुई थी, जब कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में कुछ वकीलों ने हेड कॉन्स्टेबल अमित मलिक को रोककर आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल किए थे। इसके बाद अधिवक्ता अमूल्य रतन के साथ करीब 15-20 वकील शाहदरा थाने पहुंचे और पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर 26 अक्टूबर को वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस का आरोप है कि वकीलों ने एसएचओ और एसीपी के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी। वहीं, वकीलों ने पुलिस पर मारपीट करने और एसीपी द्वारा रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया है। इस मामले में वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आने की शिकायत भी सामने आई थी। विरोध में दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने हड़ताल का ऐलान किया था और बार समिति ने एसीपी व एसएचओ को निलंबित करने की मांग की थी। अब एसीपी के तबादले और उनके ताजा संदेश के बाद यह विवाद एक बार फिर दिल्ली पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.

टिप्पणियाँ बंद हैं।