UPSIDA के औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार की मांग, IEA ने सीईओ को सौंपे 10 प्रमुख सुझाव

टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida News (13/08/2026): इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी का स्वागत करते हुए प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना, संचालन और विस्तार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें रखी हैं। एसोसिएशन का कहना है कि औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने से नए निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

IEA के अध्यक्ष संजीव शर्मा की ओर से प्रस्तुत पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में वास्तविक उद्यमियों, विशेषकर MSME इकाइयों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समयबद्धता और विकेंद्रीकरण जरूरी है। एसोसिएशन ने UPSIDA से इन मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।

2000 वर्गमीटर तक के भूखंडों के लिए लॉटरी व्यवस्था की मांग

IEA ने औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में वर्तमान ई-ऑक्शन व्यवस्था में सुधार की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए ई-ऑक्शन प्रक्रिया कई बार व्यावहारिक नहीं रहती। इसलिए 2000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन पूर्व की तरह Draw/लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किए जाने का सुझाव दिया गया है, ताकि वास्तविक उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने का अवसर मिल सके।

पूरा भुगतान होते ही रजिस्ट्री दस्तावेज देने की मांग

एसोसिएशन ने कहा कि भूखंड की निर्धारित संपूर्ण राशि जमा होने के बाद रजिस्ट्री से जुड़े मूल एवं आवश्यक दस्तावेज आवंटी को तत्काल उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इससे उद्यमियों को बैंक ऋण लेने, निर्माण कार्य शुरू करने और औद्योगिक इकाई स्थापित करने में होने वाली अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।

Rent Permission और Transfer की प्रक्रिया क्षेत्रीय कार्यालय से हो

IEA ने औद्योगिक भूखंडों पर किराये या लीज के माध्यम से इकाई संचालित करने की अनुमति यानी Rent Permission देने का अधिकार क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर किए जाने की मांग की है। एसोसिएशन का मानना है कि इससे छोटी-छोटी अनुमतियों के लिए फाइलों को मुख्यालय भेजने की आवश्यकता कम होगी और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी।

इसी तरह 1000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंडों के Transfer की अनुमति भी Regional Office स्तर पर दिए जाने का सुझाव दिया गया है। इससे फाइलों के मुख्यालय आने-जाने में लगने वाला समय बचेगा और भूखंड के हस्तांतरण के बाद नई औद्योगिक गतिविधियों को जल्द शुरू किया जा सकेगा।

महंगी औद्योगिक जमीन को देखते हुए FAR और Ground Coverage बढ़ाने की मांग

IEA ने गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक भूमि की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए औद्योगिक भूखंडों में FAR (Floor Area Ratio) और Ground Coverage की अनुमन्य सीमा बढ़ाने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, सीमित भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने से उद्यमी कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन क्षमता विकसित कर सकेंगे और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

Sewer Line और Water Supply की पर्याप्त व्यवस्था हो

एसोसिएशन ने UPSIDA के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित और पर्याप्त सीवर लाइन तथा जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। IEA का कहना है कि ये दोनों सुविधाएं औद्योगिक इकाइयों के सुचारु संचालन के लिए बुनियादी जरूरत हैं और इनके अभाव में उद्योगों को रोजमर्रा के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में Centralized ETP की मांग

पर्यावरणीय मानकों के पालन और MSME इकाइयों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम करने के लिए IEA ने प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में Centralized Effluent Treatment Plant (ETP) स्थापित करने का सुझाव दिया है।

एसोसिएशन के अनुसार, सामूहिक ETP व्यवस्था होने से प्रत्येक छोटी औद्योगिक इकाई को अलग से महंगा ETP स्थापित करने की आवश्यकता कम होगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ छोटे उद्योगों के लिए औद्योगिक गतिविधियां शुरू करना भी आसान होगा।

ड्रेनेज और जलभराव की समस्या पर जताई चिंता

IEA ने औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को गंभीर मुद्दा बताते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की है। एसोसिएशन के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में ड्रेनेज और सड़क सफाई की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर थी, लेकिन मार्च 2026 से ड्रेनेज सफाई व्यवस्था में गंभीर समस्या देखने को मिल रही है।

इसके चलते कई UPSIDA औद्योगिक क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन रही है और पानी फैक्ट्रियों एवं औद्योगिक परिसरों में प्रवेश कर रहा है। इससे मशीनरी, कच्चे माल, तैयार उत्पाद और उत्पादन प्रक्रिया को नुकसान पहुंचने से उद्यमियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

IEA ने नालों की नियमित सफाई, वैज्ञानिक तरीके से डी-सिल्टिंग और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में औद्योगिक इकाइयों को नुकसान से बचाया जा सके।

Industrial Product Display Centre बनाने का सुझाव

IEA ने UPSIDA के औद्योगिक क्षेत्रों में Product Display Centre अथवा Industrial Product Exhibition Centre स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है। इस केंद्र में संबंधित औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जा सकेगा।

एसोसिएशन का कहना है कि ऐसा केंद्र उद्योगों को खरीदारों, बाजारों और निर्यातकों से जोड़ने में उपयोगी साबित हो सकता है। साथ ही “Made in Uttar Pradesh” उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी यह एक प्रभावी मंच बन सकता है। वर्षभर कोई भी व्यक्ति इस केंद्र पर पहुंचकर संबंधित औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित उत्पादों और कंपनियों की जानकारी प्राप्त कर सकेगा।

Mortgage Permission यानी PTM प्रक्रिया 7 दिन में पूरी करने की मांग

IEA ने उद्यमियों के बैंक ऋण लेने अथवा बैंक बदलने की स्थिति में आवश्यक Mortgage Permission/PTM प्रक्रिया को भी सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, जब प्राधिकरण में यह प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है, तो PTM की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 7 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए।

साथ ही, यदि संबंधित आवंटी पर प्राधिकरण की कोई देयता लंबित नहीं है, तो ऐसे मामलों में Deemed Approval की व्यवस्था अथवा तत्काल अनुमति दिए जाने का सुझाव दिया गया है। इससे उद्यमियों को बैंकिंग प्रक्रिया में अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उद्योगों के लिए सरल प्रक्रिया और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

IEA ने कहा कि ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर उद्योगों की स्थापना, निवेश, संचालन, विस्तार और रोजगार सृजन से जुड़े हैं। यदि औद्योगिक भूखंडों से जुड़ी अनुमतियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए तथा सड़क, ड्रेनेज, पानी, सीवर और पर्यावरण संबंधी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए, तो उत्तर प्रदेश में नए निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

एसोसिएशन ने UPSIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। IEA ने यह भी आश्वासन दिया कि औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए एसोसिएशन UPSIDA के साथ समन्वय और सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।


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