दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न, 13 घंटे में चार महत्वपूर्ण विधेयक पास

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (12 August 2026): दिल्ली विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र बुधवार को संपन्न हो गया। सत्र के दौरान कुल 13 घंटे 19 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली और सरकार की ओर से चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इसके अलावा 19 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गईं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, इन रिपोर्टों को संबंधित विभागों के पास कार्रवाई के लिए भेजा गया है, ताकि वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक कमियों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष की सदन में अनुपस्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी नेतृत्व की अनुपस्थिति विधायी प्रक्रिया के लिहाज से गंभीर विषय है। सदन में हंगामे के दौरान मार्शलों की मदद लेनी पड़ी और अध्यक्ष के अनुसार कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा कार्यवाही में बाधा डालने तथा आपत्तिजनक व्यवहार की घटनाएं भी सामने आईं।

सत्र में दिल्ली के नागरिकों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विधायकों ने कूड़ा प्रबंधन, जलभराव, आवारा मवेशियों, पीडब्ल्यूडी की सड़कों और बढ़े हुए बिजली बिल जैसे विषयों को सदन में उठाया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों और राजनीतिक नेताओं की भूमिका तथा सजा के मुद्दे पर भी दो दिनों तक अल्पकालिक चर्चा हुई। वहीं, दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर सदन में बधाई प्रस्ताव लाया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

तकनीक के इस्तेमाल के लिहाज से भी यह सत्र महत्वपूर्ण रहा। दिल्ली विधानसभा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘भाषिणी’ प्रणाली का लाइव प्रतिलेखन और अनुवाद के लिए सफल पायलट परीक्षण किया गया। इसके जरिए सदन की कार्यवाही को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की कोशिश की गई। इसके अलावा नियम 280 के तहत कुल 52 सार्वजनिक मामले उठाए गए। एक दिन में 23 सदस्यों को जनता से जुड़े मुद्दे रखने का अवसर दिया गया, जिसे विधानसभा की कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।

सत्र के दौरान चार विधेयकों को सदन की मंजूरी मिली। इनमें दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट (निरसन) विधेयक, 2026, नागरिकों को समयबद्ध और सुलभ सेवा वितरण का अधिकार विधेयक, 2026, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 और दिल्ली अग्नि सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। इन विधेयकों को दिल्ली में सेवा वितरण, शहरी आश्रय व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र विधायी कामकाज के साथ राजनीतिक टकराव और तकनीकी प्रयोगों के लिए भी चर्चा में रहा। जहां सरकार ने चार विधेयक पारित कराने और 19 सीएजी रिपोर्ट सदन में रखने को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया, वहीं विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। सत्र के दौरान नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘भाषिणी’ के परीक्षण ने विधानसभा की कार्यप्रणाली में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की नई दिशा भी सामने रखी।


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