रिलायंस-HSIIDC SEZ से जुड़े 7,200 एकड़ भूमि रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
टेन न्यूज नेटवर्क
New Delhi News (10 अगस्त 2026): रिलायंस-HSIIDC स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) परियोजना से जुड़ी करीब 7,200 एकड़ भूमि के सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठी है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं World Council on Cosmic Rights and Universal Justice से जुड़े सरदार चरणजीत सिंह ने हरियाणा सरकार और संबंधित अधिकारियों से कानून के दायरे में आने वाले रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील की है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरदार चरणजीत सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता बलराज मलिक ने कहा कि यह मामला भूमि अधिग्रहण, भूमि के हस्तांतरण एवं उपयोग, जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट, सरकारी मंजूरियों और निर्णयों से संबंधित है। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़ी लगभग 7,200 एकड़ भूमि की वर्तमान कानूनी स्थिति, मालिकाना हक और अधिकारों को लेकर उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड को पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाना चाहिए।
लंबित RTI आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग
सरदार चरणजीत सिंह ने कहा कि यदि किसी सरकारी प्राधिकरण के पास ऐसी जानकारी उपलब्ध है, जिसे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सार्वजनिक किया जा सकता है, तो नागरिकों को कानून में निर्धारित छूट और अन्य प्रावधानों के अधीन उस जानकारी तक पहुंच का अधिकार है।
उन्होंने हरियाणा सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि इस मामले से जुड़ी लंबित RTI अर्जियों पर कानून के अनुसार तय समय-सीमा में कार्रवाई की जाए और आवेदकों को नियमानुसार जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
भूमि अधिग्रहण और SEZ समझौतों से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने पर जोर
चरणजीत सिंह ने कहा कि यदि भूमि के अधिग्रहण, हस्तांतरण और उसके बाद हुए लेन-देन के साथ-साथ SEZ परियोजना से जुड़े जॉइंट वेंचर समझौतों तथा अन्य सरकारी कार्यवाहियों को लागू कानूनों, नियमों, मंजूरियों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार किया गया है, तो कानून के तहत सार्वजनिक किए जा सकने वाले सभी रिकॉर्ड सामने लाने से व्यापक जनहित सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि इससे मामले को लेकर उत्पन्न संदेह और गलतफहमियों को दूर करने में भी मदद मिल सकती है।
बलराज मलिक ने लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता बलराज मलिक ने आरोप लगाया कि सरकारी विभाग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि RTI विभाग और न्यायपालिका पर भी केंद्र सरकार का दबाव है।
हालांकि, ये आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए हैं और इनके संबंध में संबंधित सरकारी विभागों या अन्य पक्षों का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
‘मांग को राजनीतिक आरोप के तौर पर न देखा जाए’
सरदार चरणजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग को किसी राजनीतिक दल विशेष की राजनीति या किसी व्यक्ति, कंपनी, संस्था अथवा सरकारी अधिकारी पर अनियमितता के आरोप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी मांग का मुख्य उद्देश्य कानून के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के सूचना पाने के अधिकार को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकारी रिकॉर्ड की जांच के दौरान कोई गंभीर अनियमितता अथवा अनसुलझा कानूनी प्रश्न सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी कानून के मुताबिक स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा पर विचार कर सकते हैं। इससे परियोजना और भूमि से जुड़ी वास्तविक तथा कानूनी स्थिति को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।