नई दिल्ली (11 फरवरी 2025): लोकसभा में बजट सत्र के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों में 15 साल बीजेपी और एनडीए की सरकार रही है, जिसके कारण देश में बेरोजगारी बढ़ी, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, एमएसएमई सेक्टर बर्बाद हो रहा है और देश चीन पर आयात के लिए निर्भर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह तब तक संभव नहीं जब तक देश की 80 करोड़ आबादी मुफ्त राशन के बिना जिंदा नहीं रह सकती।
गरीबी और बेरोजगारी पर निशाना
ओवैसी ने कहा कि देश में लड़कियों को पर्याप्त पोषण और शिक्षा नहीं मिल रही है। हमारे बच्चे पढ़ने-लिखने में पिछड़ रहे हैं, बेसिक मैथ्स और अपनी मातृभाषा में एक सही वाक्य भी नहीं लिख सकते। उन्होंने बताया कि 2014 से रियल वेज (वास्तविक वेतन) में 1.3% की वार्षिक गिरावट आई है, जिससे हर साल आम नागरिक गरीब होते जा रहे हैं, जबकि कुछ उद्योगपतियों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम ने जनता को खाने के तेल का कम उपयोग करने का सुझाव दिया, लेकिन खुद की सरकार ने विज्ञापन पर 3260 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। वहीं, स्वास्थ्य बजट का हिस्सा 2018-19 की तुलना में कम हो गया है।
शिक्षा और अल्पसंख्यकों की अनदेखी
ओवैसी ने सरकार पर मुस्लिम, दलित और आदिवासी समुदायों के खिलाफ ‘जंग छेड़ने’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्तियां और फंड में भारी कटौती की गई है। पिछले साल 1575 करोड़ का बजट था, जिसे इस साल 678 करोड़ कर दिया गया। पीएम विकास योजना का बजट भी 2120 करोड़ से घटाकर 1237 करोड़ कर दिया गया है।
रोजगार और औद्योगिक संकट
उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री बर्बादी के कगार पर है और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में 14% की गिरावट आई है, जिससे बांग्लादेश भारत से आगे निकल गया है। मालेगांव की पावरलूम इंडस्ट्री के लिए सरकार ने कोई राहत नहीं दी। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ‘मेक इन इंडिया’ का वादा कर रही है, लेकिन रोजगार दर गिर रही है और औद्योगिक विकास केवल 6% ही रह गया है।
किसानों और स्टील इंडस्ट्री पर संकट
ओवैसी ने कहा कि कृषि विभाग के बजट में 4000 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि अगर किसान 1 रुपये कमाते हैं, तो सरकार उसमें से आधा ले लेती है। स्टील इंडस्ट्री को भी भारी नुकसान हुआ है, और निर्यात में 13 बिलियन डॉलर की कमी आई है।
असदुद्दीन ओवैसी ने निष्कर्ष में कहा कि यह बजट देश की जनता को कोई फायदा नहीं पहुंचाने वाला है। यह न तो रोजगार बढ़ाएगा और न ही गरीबी कम करेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर अमीरों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि मध्यम वर्ग को ‘बलि का बकरा’ बना रही है।
उन्होंने कहा कि उनके 8 सांसद जीतकर आए हैं, लेकिन जिस राज्य से वे चुने गए हैं, वहां भी उन्हें सरकार से कोई सहयोग नहीं मिल रहा। उन्होंने बजट की मुखालफत करते हुए कहा कि इससे देश की मौजूदा समस्याओं का हल नहीं निकलेगा और ‘विकसित भारत’ सिर्फ एक नारा बनकर रह जाएगा।
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