गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन

टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida News News (26/07/2026): गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (Gautam Buddh University) एक बार फिर भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अनुसंधान के समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा। विश्वविद्यालय और आईकेएस हेरिटेज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली पर द्वितीय वार्षिक शैक्षणिक सम्मेलन’ का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 24 से 26 जुलाई तक चले इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और शोध संगठनों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विषय विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न आयामों पर गंभीर अकादमिक विमर्श किया।

सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, शिक्षा, शासन, संस्कृति और पर्यावरणीय चुनौतियों के संदर्भ में समझना तथा उसके व्यावहारिक उपयोगों पर चर्चा करना था। तीन दिनों तक चले विभिन्न तकनीकी सत्रों में सैकड़ों शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें भारतीय ज्ञान प्रणाली की वैज्ञानिकता, समकालीन प्रासंगिकता और वैश्विक उपयोगिता को प्रमाणिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया।

अंतिम दिन पांच समानांतर तकनीकी सत्रों में हुआ व्यापक विमर्श

सम्मेलन के अंतिम दिन इतिहास, संस्कृति, दर्शन, आयुर्वेद और सुशासन जैसे विषयों पर केंद्रित पांच समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

इतिहास एवं पुराण विषयक सत्र की अध्यक्षता प्रो. हीरामन तिवारी ने की, जिसमें वैदिक सीमाओं, वाल्मीकि रामायण की रणनीतिक संस्कृति तथा भारतीय पांडुलिपि परंपरा पर शोध प्रस्तुत किए गए।

कला एवं संस्कृति विषयक सत्र में प्रो. नागराज पातुरी के मार्गदर्शन में लोक कलाओं, मोहिनीअट्टम और डिजिटल कला में भारतीय सौंदर्यशास्त्र की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

ज्ञानमीमांसा एवं शिक्षण शास्त्र से जुड़े सत्र की अध्यक्षता प्रो. सुशांत मिश्रा ने की। इस दौरान भारतीय एवं पाश्चात्य ज्ञान प्रणालियों की तुलनात्मक समीक्षा, मशीन इंटेलिजेंस की सीमाओं और ‘तंत्रयुक्ति’ आधारित शिक्षण पद्धति पर शोधार्थियों ने अपने विचार रखे।

आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान विषयक सत्र में प्रो. शिवानी घिल्डियाल की अध्यक्षता में आयुर्वेद के ‘संयोग विरुद्ध’ सिद्धांत, गर्भ संस्कार, भ्रूण विज्ञान तथा पुराणों में वर्णित औषधीय वनस्पतियों के वैज्ञानिक पक्षों पर शोध प्रस्तुत किए गए।

वहीं राजनीति, कानून एवं शासन विषयक सत्र की अध्यक्षता प्रो. रीता सोनी ने की, जिसमें वैदिक राष्ट्र की पारिस्थितिक जिम्मेदारी, भारतीय राजनीतिक चिंतन और सुशासन की अवधारणाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

‘भारतीय ज्ञान प्रणाली भविष्य के भारत की आधारशिला’ : कुलपति

समापन समारोह को संबोधित करते हुए गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली केवल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, नैतिक नेतृत्व, समग्र स्वास्थ्य और मानव कल्याण जैसे विषयों पर नए समाधान तलाश रही है, जिनका वैज्ञानिक आधार भारतीय ज्ञान परंपरा में पहले से मौजूद है।

उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का लक्ष्य भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर शोध एवं शिक्षा का प्रमुख केंद्र विकसित करना है। इस सम्मेलन ने देशभर के विद्वानों और शोधार्थियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया, जहां भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध विषयों पर गंभीर और सार्थक अकादमिक चर्चा संभव हो सकी।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय ज्ञान प्रणाली को वैश्विक शैक्षणिक जगत तक पहुंचाने तथा ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपना प्रभावी योगदान देता रहेगा।

भारतीय ज्ञान प्रणाली को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

सम्मेलन के समापन अवसर पर डॉ. अक्षय सिंह ने सभी सत्र अध्यक्षों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता सभी के सामूहिक सहयोग और अकादमिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

सम्मेलन में शामिल विद्वानों ने सर्वसम्मति से कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली केवल सांस्कृतिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, नीतिशास्त्र और सतत विकास जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता भी रखती है। उन्होंने इस ज्ञान परंपरा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने और नई पीढ़ी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजकों ने जानकारी दी कि भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आयोजित इस वार्षिक शैक्षणिक सम्मेलन का अगला संस्करण आईआईटी बॉम्बे में आयोजित किया जाएगा।

भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और वैश्विक प्रसार का संकल्प

तीन दिवसीय सम्मेलन के सफल समापन के साथ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया। विश्वविद्यालय का मानना है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक अनुसंधान के समन्वय से न केवल नई शैक्षणिक संभावनाओं का विस्तार होगा, बल्कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के समाधान भी अधिक प्रभावी ढंग से खोजे जा सकेंगे।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.

टिप्पणियाँ बंद हैं।