जंतर-मंतर आंदोलन पर सरकार-CJP में डेढ़ घंटे मंथन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी CJP

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (24 जुलाई 2026): दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत का दौर तेज हो गया है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बैठक की। इस बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया, लेकिन CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर आंदोलन खत्म नहीं होगा।

सरकार और CJP के बीच डेढ़ घंटे चली बैठक

सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करने की कोशिश के तहत शुक्रवार को CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। दोनों पक्षों के बीच हुई इस वार्ता में आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जानकारी के अनुसार, CJP ने सरकार के सामने पांच पैराग्राफ का लिखित मांगपत्र प्रस्तुत किया और अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट रुख रखा।

CJP की प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान CJP ने सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं। इनमें छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सरकार से सार्वजनिक माफी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा तथा आंदोलन और संबंधित घटनाओं से प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग प्रमुख रही।

न्यूट्रल जगह पर हुई बातचीत

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने पहले CJP को जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव दिया था। हालांकि CJP ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो वह जंतर-मंतर आए या किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित करे। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से शुक्रवार को दिल्ली में न्यूट्रल स्थान पर बैठक आयोजित की गई।

राजनीतिक हलकों में इस बातचीत को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP

एक ओर सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, वहीं दूसरी ओर CJP ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। CJP का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संगठन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेगा और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते।

पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी

उधर केंद्र सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नए कानून की तैयारी में जुटी है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तावित विधेयक के मसौदे पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे संसद के आगामी सत्र में पेश किया जा सकता है।

प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, तीन महीने के भीतर फैसला सुनिश्चित करने, दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा तथा 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।

सरकार और CJP के बीच जारी बातचीत तथा पेपर लीक पर प्रस्तावित सख्त कानून को देखते हुए आने वाले दिनों में आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।।


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