दिल्ली में सर्दियां बिताने से पहले जान लें ये नए नियम, वरना पड़ सकता है भारी!

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (01 जुलाई 2026): दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) से निपटने के लिए एक व्यापक और स्थायी विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान अधिसूचित कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विशेष नियम लागू रहेंगे, जबकि कुछ प्रावधान पूरे वर्ष प्रभावी रहेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने कहा कि राजधानी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ नागरिकों, संस्थानों और एजेंसियों की भी समान भागीदारी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार नवंबर से फरवरी के बीच दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 312 से 342 के बीच रहा है। इसी को देखते हुए अब हर वर्ष अलग-अलग आदेश जारी करने की बजाय एक स्थायी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्रवाई कर सकें। नई नीति में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), संशोधित ग्रैप (GRAP) और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को भी शामिल किया गया है।

सरकार ने वाहन प्रदूषण (Vehicle Emissions) पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अब पूरे वर्ष दिल्ली के किसी भी पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी पंप पर वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाणपत्र के बिना किसी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से भी जांच की जाएगी।

इसके अलावा, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बीएस-VI (BS-VI) मानक से नीचे के बाहरी राज्यों के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि एम्बुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles) को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

सर्दियों के दौरान निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना किया जाएगा। वहीं, दिल्ली सरकार और निजी कार्यालयों में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक एक समय में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे, जबकि शेष कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) करेंगे। आवश्यक सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े विभागों को इससे छूट दी गई है।

निर्माण गतिविधियों (Construction Activities) से होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक खुले में होने वाली तोड़फोड़ और सिविल निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच यह प्रतिबंध और अधिक सख्त रहेगा तथा केवल अत्यावश्यक सार्वजनिक परियोजनाओं को ही अनुमति मिलेगी। निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी।

दिल्ली सरकार ने 3,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले सभी बड़े वाणिज्यिक भवनों, मॉल, होटलों और संस्थागत परिसरों में 15 अगस्त तक एंटी-स्मॉग गन (Anti-Smog Gun) या मिस्ट सिस्टम (Mist System) स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है। इसी प्रकार, 1,000 वर्गमीटर से बड़े निर्माणाधीन स्थलों पर भी धूल नियंत्रण के लिए मिस्ट सिस्टम लगाना जरूरी होगा।

खुले में कचरा, पत्तियां और बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। अब केवल आग लगाने वाले व्यक्ति ही नहीं, बल्कि संबंधित आरडब्ल्यूए (RWA), हाउसिंग सोसाइटी, संस्थान या एजेंसी को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। निगरानी के लिए ड्रोन (Drone Monitoring) तकनीक का उपयोग किया जाएगा और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) भी वसूली जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह अधिसूचना दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक स्पष्ट, स्थायी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करती है। अब सभी विभागों और नागरिकों को पहले से ज्ञात होगा कि किस अवधि में कौन-से नियम लागू होंगे और उनकी जिम्मेदारियां क्या होंगी।


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