प्रियंका गांधी का बाबरपुर संबोधन: जनता की समस्याओं पर केंद्रित एक जोरदार भाषण
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (2 फरवरी 2025): बाबरपुर की जनसभा में प्रियंका गांधी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव के समय सभी नेता उनके सामने आते हैं और अपनी-अपनी बातें रखते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई उनकी असली समस्याओं पर बात करता है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक-दूसरे को चोर और ईमानदार कहने के खेल में लगे हैं, लेकिन जनता की असली परेशानियों पर कोई चर्चा नहीं कर रहा।
प्रियंका गांधी ने दिल्ली की जनता की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर देशभर से आए लोगों की मेहनत पर चलता है। मजदूर, कर्मचारी, ठेके पर काम करने वाले, और छोटे व्यापारी सभी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन फिर भी गुजारा मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब परिवार भी अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं ताकि वे एक बेहतर भविष्य बना सकें। लेकिन हकीकत यह है कि पढ़ाई करने के बावजूद रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने एक शिक्षित लड़की का उदाहरण दिया, जो एमएससी करने के बावजूद पार्क में दिहाड़ी पर काम करने को मजबूर है।
प्रियंका गांधी ने महंगाई के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें, पेंसिल, ब्रेड, मक्खन, दूध, चाय—हर चीज़ पर जीएसटी लगाकर जनता की कमर तोड़ दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि जब हर चीज़ पर टैक्स लिया जा रहा है, तो जनता को राहत क्यों नहीं दी जा रही?
उन्होंने कहा कि पहले लोग दिल्ली आते थे, क्योंकि यहां सरकारी नौकरियों के अवसर थे, लेकिन अब ये मौके खत्म हो गए हैं। सरकारी नौकरियों की संख्या कम होती जा रही है और युवाओं के लिए सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी धुंधली पड़ गई है।
प्रियंका गांधी ने महिलाओं की परेशानियों को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि घर चलाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं की होती है, लेकिन बढ़ती महंगाई और घटती आय के कारण वे और अधिक संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का त्याग समाज के हर क्षेत्र में दिखता है, लेकिन सरकार उनकी तकलीफों को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वे देश की संपत्तियों को बड़े उद्योगपतियों के हाथों बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंदरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे, खदानें, पेट्रोलियम क्षेत्र और अन्य संसाधन निजी कंपनियों को बेचे जा रहे हैं, जिससे देश की जनता को नुकसान हो रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जब देश कोविड महामारी से जूझ रहा था, लोग अस्पतालों में बेड और दवाइयों के लिए भटक रहे थे, तब मोदी सरकार 20,000 करोड़ रुपये खर्च कर नए संसद भवन और इंडिया गेट के सौंदर्यीकरण की योजना बना रही थी। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सरकार की प्राथमिकताएँ क्या हैं।
उन्होंने मोदी सरकार पर इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू और कांग्रेस ने भारत की आज़ादी और लोकतंत्र की नींव रखी थी। संविधान सभी धर्मों और जातियों के लोगों ने मिलकर बनाया था, और यह सभी भारतीयों को समान अधिकार देता है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले के प्रधानमंत्री जनता के बीच जाते थे, उनकी समस्याएँ सुनते थे और जनता के गुस्से को भी झेलते थे। लेकिन आज के प्रधानमंत्री केवल विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं और आम जनता से कटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक जनता ही लोकतंत्र को मजबूत कर सकती है।
प्रियंका गांधी ने कांग्रेस की योजनाओं के बारे में बताया, जैसे प्यारी दीदी योजना, जिसके तहत महिलाओं को ₹2500 महीना मिलेगा, जीवन रक्षा योजना, जिससे 25 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा, युवाओं को 8-10 हजार रुपये महीना भत्ता दिया जाएगा, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, और ₹500 में गैस सिलेंडर। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार उन योजनाओं को लागू करेगी, जो अन्य राज्यों में सफल साबित हो चुकी हैं।
अंत में, प्रियंका गांधी ने जनता से अपील की कि वे सही फैसला लें और ऐसे नेताओं को सत्ता में लाएँ, जो उनके अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक वोट डालने का मौका नहीं है, बल्कि अपने भविष्य को संवारने का अवसर है। उन्होंने जनता से कांग्रेस उम्मीदवार हाजी साहब को जिताने की अपील की ताकि दिल्ली को एक बेहतर और समृद्ध शहर बनाया जा सके।
अब देखना होगा कि दिल्ली की जनता प्रियंका गांधी के इन बातों को किस प्रकार से जवाब देती है? प्रियंका गांधी के इन बातों का वास्तविक जवाब जनता 8 तारीख को ही दे पाएगा।
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