सर्कुलर इकोनॉमी से स्टार्टअप्स और MSME को मिलेगा नया आर्थिक इंजन: Dr Jitendra Singh

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (20 अप्रैल 2026): केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr. Jitendra Singh) ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) अब भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाने जा रही है और रिसाइक्लिंग (Recycling) स्टार्टअप्स तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि अब रिसाइक्लिंग केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह जमीनी स्तर के उद्यमियों से लेकर बड़ी कंपनियों तक पूरे वैल्यू चेन को मजबूत करेगी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह बात RECEIC ग्लोबल संगोष्ठी (Global Symposium) ‘रिसोर्स एफिशिएंसी एंड सर्कुलर इकोनॉमी: को-क्रिएटिंग सर्कुलर फ्यूचर’ को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने उद्योग जगत से नवाचार और साझेदारी को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार अब फैसिलिटेटर (Facilitator) की भूमिका निभा रही है और निजी क्षेत्र को आगे बढ़कर अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।

मंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2021 से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान (Cleanliness Campaign) के तहत पिछले पांच वर्षों में स्क्रैप और ई-वेस्ट (E-Waste) के व्यवस्थित निस्तारण से सरकार को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि हर प्रकार के कचरे में आर्थिक मूल्य छिपा हुआ है।

डॉ. सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्लास्टिक और स्टील स्लैग (Steel Slag) का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा रहा है, वहीं यूज़्ड कुकिंग ऑयल (Used Cooking Oil) को बायोफ्यूल में बदलकर नए आर्थिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कचरे को बोझ नहीं बल्कि संसाधन (Resource) के रूप में देखने की जरूरत है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संयुक्त सचिव नीलिश साह (Neelesh Sah) ने बताया कि भारत के एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) फ्रेमवर्क में करीब 75,000 उत्पादक और 5,000 रीसाइक्लर पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में अधिसूचित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम (Solid Waste Management Rules 2026) से कचरा प्रबंधन में डिजिटल निगरानी और सर्कुलर सिस्टम को और मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार (Jitendra Kumar) ने पॉल्यूटर पेज प्रिंसिपल (Polluter Pays Principle) को लागू करने और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग (Carbon Credit Trading) को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की BioE3 नीति (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के दौरान FICCI-RECEIC ने टेक्सटाइल और केमिकल उद्योग से जुड़े दो महत्वपूर्ण नॉलेज पेपर जारी किए और सर्कुलर इकोनॉमी में नवाचार करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित भी किया गया।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।