ड्रॉपआउट 20% से घटकर 3%: सीएम योगी ने गिनाईं शिक्षा, कृषि और टेक्नोलॉजी में यूपी की उपलब्धियां
टेन न्यूज नेटवर्क
National News (16/04/2026): ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उभरती तकनीकों को जीवन के हर क्षेत्र का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने यह बात गोरखपुर स्थित महायोगी गोरखनाथ यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ कार्यक्रम के दौरान कही, जहां वे N. Chandrasekaran के साथ शामिल हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में बालिकाओं का स्कूल ड्रॉपआउट रेट 19-20 प्रतिशत था, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं देने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बाद में डेटा विश्लेषण से यह सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल की कमी प्रमुख कारण थी। इन बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के बाद ड्रॉपआउट दर में बड़ा सुधार दर्ज किया गया।
कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्रदेश की कृषि विकास दर 7-8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंची है और इसे 30 प्रतिशत तक ले जाने की संभावना है। राज्य की 86-87 प्रतिशत भूमि सिंचित होने के कारण उत्पादन बढ़ाने की क्षमता मजबूत है।
गन्ना किसानों के भुगतान पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 से 2017 के बीच जहां करीब ₹95,000 करोड़ का भुगतान हुआ था, वहीं 2017 से 2025 के बीच यह बढ़कर ₹2,16,000 करोड़ तक पहुंच गया है। तकनीक के जरिए पर्ची सिस्टम ऑनलाइन होने से दलाली और घटतौली की समस्या समाप्त हुई है और किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी के उपयोग पर उन्होंने कहा कि इससे खेती में दवा का छिड़काव कम समय में और समान रूप से किया जा सकता है, जिससे उत्पादन बेहतर होता है और स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव भी कम पड़ता है। उन्होंने बताया कि ड्रोन का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं और आपात स्थितियों में भी किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कानपुर और नोएडा में ड्रोन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं, जबकि मेडटेक के क्षेत्र में IIT Kanpur और SGPGI Lucknow में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने वाराणसी में इंटरनेशनल राइस इंस्टीट्यूट के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान उत्पादन लगभग 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर करीब 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि लागत में कमी आई है।
इसके अलावा आगरा में आलू और बस्ती व कन्नौज में फल एवं सब्जियों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना है।।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।