“नोएडा की सड़कों पर मजदूरों की आख़िरी चीख़”: राहुल गांधी | Noida Protest

टेन न्यूज नेटवर्क

NOIDA News (14 अप्रैल 2026): नोएडा में श्रमिकों के वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नोएडा की सड़कों पर जो देखने को मिला, वह इस देश के श्रमिकों की “आख़िरी चीख़” थी, जिसे लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ नोएडा का मामला नहीं, बल्कि पूरे देश में श्रमिकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का प्रतीक है।

राहुल गांधी ने कहा कि नोएडा में काम करने वाले एक मजदूर की औसत मासिक आय करीब ₹12,000 है, जबकि घर का किराया (House Rent) ₹4,000 से ₹7,000 तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को सालाना मात्र ₹300 की बढ़ोतरी मिलती है, लेकिन मकान मालिक हर साल ₹500 तक किराया बढ़ा देते हैं। ऐसे में बढ़ती महंगाई (Inflation) मजदूरों की जिंदगी का गला घोंट रही है और उन्हें कर्ज़ के दलदल में धकेल रही है।

उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के खर्च जैसे बच्चों की फीस (School Fees), खाने-पीने का खर्च (Food Expenses), दवाइयां (Medical Expenses) और परिवहन (Transport Cost) लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन मजदूरों की आय में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं हो रही। राहुल गांधी ने कहा कि यह स्थिति “विकसित भारत” (Developed India) के दावों पर सवाल खड़े करती है।

राहुल गांधी ने एक महिला मजदूर का हवाला देते हुए कहा कि “गैस के दाम बढ़ते हैं, लेकिन हमारी तनख्वाह नहीं बढ़ती।” उन्होंने कहा कि कई परिवारों को रसोई गैस (LPG Cylinder) की बढ़ती कीमतों के बीच अपने घर का चूल्हा जलाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है, जो रोज कमाते हैं और रोज खर्च करते हैं।

कांग्रेस नेता ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष, टूटती सप्लाई चेन (Supply Chain Disruption) और अमेरिका के टैरिफ वॉर (Tariff War) के कारण ईंधन की कीमतें (Fuel Prices) बढ़ी हैं, लेकिन इन परिस्थितियों का बोझ बड़े उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ा है, जो पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहा है।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नवंबर 2025 से लागू किए गए चार लेबर कोड (Labour Codes) को बिना पर्याप्त संवाद के लागू किया गया, जिससे काम के घंटे 12 घंटे तक बढ़ गए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर रोज 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है और फिर भी बच्चों की फीस कर्ज लेकर भरता है, उसकी मांग को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि नोएडा के मजदूर ₹20,000 मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं, जो कोई लालच नहीं बल्कि उनकी बुनियादी जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मांग सम्मानजनक जीवन (Dignified Life) के लिए है, ताकि मजदूर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके और कर्ज़ के बोझ से बाहर निकल सके।

राहुल गांधी ने कहा कि मजदूर देश की रीढ़ हैं और जो लोग देश की अर्थव्यवस्था (Economy) को आगे बढ़ाते हैं, उनकी आवाज को दबाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मजदूर अपने अधिकार मांगते हैं, तो उन्हें दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जो चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि वह हर उस मजदूर के साथ खड़े हैं, जो बेहतर वेतन और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। राहुल गांधी ने अंत में कहा कि सरकार को मजदूरों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे देश के श्रमिकों को राहत मिल सके।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।