18 वर्षीय अनश ने बनाया किफायती बायोनिक हैंड, जरूरतमंदों को मिलेगा सहारा

टेन न्यूज नेटवर्क

National News (05/04/2026): भारत में कृत्रिम अंगों की बढ़ती जरूरत के बीच अनश मिश्रा नाम के 18 वर्षीय छात्र ने एक सस्ता और उपयोगी बायोनिक हैंड विकसित कर उल्लेखनीय पहल की है। प्रयागराज के रहने वाले अनश का यह नवाचार महंगे आयातित कृत्रिम अंगों का किफायती विकल्प बन सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में प्रोस्थेटिक्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। IMARC Group के अनुमान के मुताबिक, देश का प्रोस्थेटिक्स बाजार 2026 में लगभग 59.6 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2034 तक 88.3 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो करीब 4.33 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है।

भारत की जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 2.68 करोड़ लोग किसी न किसी प्रकार की विकलांगता के साथ जीवन जी रहे हैं। हर साल 23,500 से 40,000 तक अंग-विच्छेदन के मामले सामने आते हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 5 प्रतिशत लोगों को ही कृत्रिम अंग उपलब्ध हो पाते हैं।

वर्तमान में भारत में उपलब्ध अधिकांश सस्ते कृत्रिम अंग सीमित कार्यक्षमता वाले होते हैं, जबकि उन्नत बायोनिक प्रोस्थेटिक्स अमेरिका और यूरोप से आयात किए जाते हैं। इनकी कीमत सामान्यतः 15 से 30 लाख रुपये तक होती है, जो अधिकांश जरूरतमंदों की पहुंच से बाहर है।

इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए अनश मिश्रा ने BRHM नाम से एक बायोनिक हैंड विकसित किया है। यह हल्का उपकरण शरीर के इलेक्ट्रिकल सिग्नल को पढ़कर उन्हें मूवमेंट में बदल देता है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता हाथ को खोलने, बंद करने और पकड़ की ताकत को नियंत्रित कर सकता है। साथ ही इसमें वाइब्रेशन आधारित फीडबैक सिस्टम भी दिया गया है, जिससे उपयोगकर्ता को पकड़ की मजबूती का एहसास होता है।

अनश ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत सीमित संसाधनों के साथ की थी। उन्होंने कक्षा 8 में मात्र 2,000 रुपये की लागत से स्क्रैप पार्ट्स की मदद से एक सेमी-ह्यूमनॉइड रोबोट बनाया था। इसके बाद विभिन्न विज्ञान प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उन्होंने 19 पुरस्कार जीते और करीब 50,000 रुपये की राशि अपने प्रोजेक्ट के विकास में निवेश की।

उनके इस प्रयास को नई दिशा तब मिली जब उन्होंने अपनी मित्र शाहीन को देखा, जो पिछले 15 वर्षों से एक कार्यक्षम हाथ के बिना जीवन जी रही थीं। इसके बाद अनश ने बायोनिक हैंड विकसित करने का संकल्प लिया और लगातार 15 प्रोटोटाइप तैयार कर इसके डिजाइन को अधिक सरल, किफायती और उपयोगी बनाया।

BRHM बायोनिक हैंड की उत्पादन लागत लगभग ₹40,000 है, जबकि इसकी संभावित बाजार कीमत करीब ₹90,000 रखी गई है। यह मौजूदा आयातित विकल्पों की तुलना में बेहद किफायती साबित हो सकती है। फिलहाल यह डिवाइस परीक्षण चरण में है और जल्द ही इसके व्यावसायिक लॉन्च की तैयारी की जा रही है। इसके लिए देशभर के प्रोस्थेटिस्ट्स के साथ साझेदारी की योजना बनाई जा रही है, ताकि यह तकनीक अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

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