संयुक्त किसान मोर्चा की डीएम से वार्ता सकारात्मक, 26 जनवरी को ट्रैक्टर तिरंगा मार्च की तैयारी

टेन न्यूज नेटवर्क

ग्रेटर नोएडा (22 जनवरी 2024): संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के प्रतिनिधियों की मंगलवार, 22 जनवरी 2025 को गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में अहम बैठक हुई। बैठक में किसानों ने 10% विकसित प्लॉट, समान मुआवजा, और नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत बाजार दर का चार गुना मुआवजा दिए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही प्राधिकरणों, बिल्डरों और अन्य संस्थाओं से जुड़ी स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गई।

डीएम ने दिया समाधान का आश्वासन

बैठक के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने पुरानी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। मोर्चा ने कहा कि 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्रभावित किसानों को 10% विकसित प्लॉट और समान मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा, 2014 के बाद जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत 20% प्लॉट, चार गुना मुआवजा, और पुनर्वास सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

डीएम गौतम बुद्ध नगर ने किसानों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और जल्द ही राज्य स्तर पर इस संबंध में वार्ता आयोजित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने प्राधिकरणों और परियोजनाओं से संबंधित स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए भी किसानों और संबंधित संस्थानों के बीच बैठकें आयोजित करने का भरोसा दिलाया।

26 जनवरी को ऐतिहासिक ट्रैक्टर तिरंगा मार्च की तैयारी

संयुक्त किसान मोर्चा के 14 संगठनों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर तिरंगा मार्च को ऐतिहासिक बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के अंसल गोल्फ लिंक स्थित भाकियू टिकैत कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह तय किया गया कि यात्रा का रूट प्लान ऐसा रखा जाएगा, जिससे आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। बड़े हाईवे और भीड़भाड़ वाले इलाकों से यात्रा को दूर रखा जाएगा।

एसकेएम के नेताओं ने घोषणा की कि ट्रैक्टर तिरंगा मार्च के लिए जिले से हजारों ट्रैक्टरों को शामिल किया जाएगा। यह मार्च राष्ट्रीय स्तर पर एसकेएम की कॉल का हिस्सा है, जिसे पूरे देश में एकजुटता के प्रतीक के रूप में मनाया जाएगा।

किसानों की मुख्य मांगें

10% विकसित प्लॉट और समान मुआवजा

2014 के बाद अधिग्रहण की गई जमीनों पर नए कानून के तहत चार गुना मुआवजा

सभी भूमिधर और भूमिहीन किसानों को रोजगार और पुनर्वास

आबादी विवादों का शीघ्र निस्तारण

सकारात्मक रुख से बढ़ी उम्मीदें

संयुक्त किसान मोर्चा की यह बैठक न केवल किसानों के मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सकारात्मक कदम है, बल्कि आगामी ट्रैक्टर तिरंगा मार्च को लेकर भी उत्साहजनक माहौल बना रही है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।।

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