जेवर एयरपोर्ट को DGCA से एयरोड्रम लाइसेंस, जल्द शुरू होंगी कमर्शियल उड़ानें

टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida News (06/03/2026): उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) परियोजना को एक बड़ी प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) की मंजूरी के बाद अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से एयरोड्रम लाइसेंस भी प्रदान कर दिया गया है। इस लाइसेंस के साथ ही एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश के सबसे आधुनिक और बड़े हवाई अड्डों में विकसित करने की योजना है। माना जा रहा है कि इसके संचालन में आने से उत्तर प्रदेश विशेषकर पश्चिमी यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक नए एविएशन केंद्र के रूप में यह तेजी से उभरेगा।

राज्य सरकार का आकलन है कि जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से प्रदेश में निवेश की संभावनाएं और मजबूत होंगी। साथ ही पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, निर्यात-आयात और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। एयरपोर्ट और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

परियोजना के प्रथम चरण में करीब 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में एयरपोर्ट का विकास किया गया है। इस चरण में मुख्य रनवे, टैक्सीवे, आधुनिक यात्री टर्मिनल, विमान पार्किंग क्षेत्र सहित अन्य आवश्यक ढांचा तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, बोर्डिंग प्रक्रिया, सुरक्षा जांच, यात्री प्रबंधन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं।

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एयरपोर्ट पहुंचकर निर्माण कार्य और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की थी। अधिकारियों के अनुसार अब संचालन शुरू करने की दिशा में अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत में घरेलू उड़ानों के साथ-साथ कार्गो सेवाएं शुरू की जाएंगी। बाद के चरणों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और अतिरिक्त सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो और एयर कार्गो टर्मिनल का निर्माण भी पूरा किया जा चुका है, जिससे देश और विदेश के विभिन्न बाजारों तक माल की ढुलाई आसान होगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है। पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद यह केवल भारत ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होने की क्षमता रखेगा। इसके जरिए उत्तर प्रदेश को वैश्विक हवाई नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

प्रारंभिक चरण में एयरपोर्ट से प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख यात्रियों के आवागमन की क्षमता निर्धारित की गई है। आगे के विस्तार के बाद यह क्षमता बढ़कर एक करोड़ 20 लाख यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन में आने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की हवाई यातायात व्यवस्था को राहत मिलेगी और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।


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