यूनिटेक होराइजन सोसायटी में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन: बिल्डर और एओए की मिलीभगत उजागर
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (04 दिसंबर 2024): ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-2 स्थित यूनिटेक होराइजन सोसायटी में रहने वाले 930 से अधिक अपार्टमेंट मालिक गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। 1138 अपार्टमेंट वाली इस सोसायटी का रखरखाव यूनिटेक लिमिटेड और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (यूएचएओए) की मिलीभगत के चलते पूरी तरह चरमरा गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त बोर्ड के अधीन चल रही यूनिटेक लिमिटेड ने सोसायटी के रखरखाव के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की है।
अपार्टमेंट मालिकों ने आरोप लगाया कि 2016 में विधिवत पंजीकृत यूएचएओए ने एक अवैध एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत कॉमन एरिया का रखरखाव बिल्डर के हाथ में ही बना रहा। इसके बाद से बिल्डर ने एओए की मिलीभगत से रखरखाव शुल्क अपने खाते में जमा करना शुरू कर दिया। यूपी अपार्टमेंट एक्ट 2010 की धारा 14(5) के अनुसार, एसोसिएशन के गठन के बाद कॉमन एरिया का प्रबंधन एसोसिएशन को हस्तांतरित होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मालिकों से एकत्र किया गया रखरखाव शुल्क कहां खर्च हो रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। एओए पिछले 8 वर्षों से न तो कोई वित्तीय रिपोर्ट जारी कर रही है और न ही कोई ऑडिट रिपोर्ट साझा कर रही है। जीएसटी कानून का उल्लंघन करते हुए, रखरखाव शुल्क बिल्डर के खाते में जमा किया जा रहा है, जिससे हर साल सोसायटी को लगभग 90 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
निवासियों ने बताया कि सोसायटी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लगातार रिसाव के कारण ढांचा क्षतिग्रस्त हो रहा है और लिफ्टों से जुड़ी घटनाएं आम हो गई हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा बिल्डर को नोटिस दिए जाने के बावजूद न तो बिल्डर ने रिसाव ठीक किया है और न ही एओए ने कोई कदम उठाया है। इसके कारण सोसायटी का बाजार मूल्य समान आकार और स्थित अपार्टमेंटों से 50% तक कम हो गया है।
लगातार कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार से तंग आकर लगभग 75% मालिकों ने कॉमन एरिया मेंटेनेंस (सीएएम) शुल्क का भुगतान बंद कर दिया है। हालांकि, वे स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि वे यह शुल्क तभी चुकाएंगे जब यह एओए के खाते में जमा होगा, न कि बिल्डर के। विरोध करने वाले निवासियों को एओए अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। सुरक्षा कर्मियों का उपयोग कर उन्हें धमकाया जा रहा है कि यदि वे बिल्डर के खाते में शुल्क नहीं जमा करेंगे तो लिफ्ट और अन्य बुनियादी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
यूनिटेक होराइजन सोसायटी के निवासी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के बीच जीवन बिता रहे हैं। एओए और बिल्डर के बीच मिलीभगत ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त बोर्ड की निष्क्रियता ने निवासियों को निराशा और अनिश्चितता में डाल दिया है। सोसायटी के ढांचागत क्षति के कारण किसी भी आपदा का खतरा मंडरा रहा है, और यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।।
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