Arvind Kejriwal Press Conference: कोर्ट से बरी होने के बाद क्या- क्या बोले केजरीवाल
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (27 February 2026): कथित शराब नीति मामले में शुक्रवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल सहित कुल 23 लोगों को बरी कर दिया। इस फैसले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई नेताओं को राहत मिली है। अदालत ने करीब 600 पन्नों के विस्तृत आदेश में कहा कि प्रस्तुत सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर मुकदमा चलाने लायक प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार नहीं बनता। कोर्ट को केवल यह तय करना था कि क्या ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री है, और इसी स्तर पर आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया गया। इस निर्णय को आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक करार दिया है। फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल का पलटवार
फैसले के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला आम आदमी पार्टी को खत्म करने की साजिश के तहत खड़ा किया गया था। उन्होंने कहा कि अदालत का आदेश पढ़ने के बाद साफ हो गया है कि मामला टिकने लायक भी नहीं था। उन्होंने इसे आज़ाद भारत का सबसे बड़ा और घिनौना राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
‘इतना फर्जी केस कैसे बना?’ – केजरीवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा, “आज कोर्ट ने 600 पेज के आदेश में साफ कर दिया कि एक भी ऐसा सबूत नहीं है जिससे मुकदमा चलाया जा सके। मैं नहीं कह रहा, कोर्ट की भाषा कह रही है कि इतना फर्जी केस कैसे बनाया गया? अगर ट्रायल चलता तो 15-20 साल लग जाते, लेकिन अदालत ने शुरुआती स्तर पर ही कह दिया कि मामला चलाने योग्य नहीं है।” उन्होंने कहा कि यह आदेश ऐतिहासिक है और इससे सच्चाई देश के सामने आ गई है।
‘केजरीवाल कट्टर ईमानदार है’
केजरीवाल ने कहा, “मैं कोई बड़ा नेता नहीं हूं, मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। जब मुझे बेईमान कहा जाता है तो मुझे फर्क पड़ता है। कोर्ट के आदेश के बाद यह साबित हो गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है, मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं, संजय सिंह कट्टर ईमानदार हैं और आम आदमी पार्टी ईमानदार है।” उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद वह इसलिए चुप थे क्योंकि वह चाहते थे कि अदालत का फैसला पहले आ जाए। “आज मेरे दिल से बहुत बड़ा बोझ उतर गया,” उन्होंने कहा।
परिवार की पीड़ा और राजनीतिक संघर्ष
केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा, “मेरी मां बीमार रहती हैं, मेरे परिवार ने बहुत कष्ट झेला। मनीष सिसोदिया की पत्नी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। हमारे परिवारों ने जो सहा वह शब्दों में नहीं बताया जा सकता, लेकिन हम महत्वपूर्ण नहीं हैं। महत्वपूर्ण है कि दिल्ली की जनता को क्या भुगतना पड़ा।” उन्होंने कहा कि सत्ता की लड़ाई में आम लोगों को नुकसान हुआ और दिल्ली के विकास कार्य प्रभावित हुए।
‘केजरीवाल से निपटने का एक ही तरीका’
अपने बयान में उन्होंने कहा, “मोदी जी, केजरीवाल से निपटना है तो या तो अच्छे काम कीजिए या फिर केजरीवाल की हत्या करवानी पड़ेगी। इसके अलावा आप कुछ नहीं कर सकते। दिल्ली में 5000 स्कूल बनाइए, 20 हजार मोहल्ला क्लीनिक बनाइए, सड़कों को ठीक कर दीजिए, फिर देखिए कोई केजरीवाल को पूछेगा भी नहीं।” उन्होंने कहा कि सकारात्मक राजनीति से ही जनता का विश्वास जीता जा सकता है।
चुनौती और चुनाव की बात
केजरीवाल ने कहा, “अगर हिम्मत है तो दिल्ली में चुनाव करा कर दिखाइए। आपकी 10 से ज्यादा सीट आ जाए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की जनता मौजूदा हालात से त्रस्त है और काम की राजनीति चाहती है। जनता ने नरेंद्र मोदी को सरकार चलाने के लिए चुना था लेकिन वह अरविंद केजरीवाल के पीछे पड़े हुए हैं। आज उनके सरकार से देश का युवा त्रस्त है, बुजुर्ग त्रस्त है, व्यापारिक त्रस्त है लेकिन सरकार कोई काम ही नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली के कामों में बाधा डाल रही है और विकास की गति धीमी कर रही है।
मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर कि, “कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए यह राहत दिलवाई है।” इस पर उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा, “ हम जेल गए तो क्या दूसरे बड़े नेता जेल गए? किस मुंह से कांग्रेस वाले हम पर सवाल उठाते हैं?” इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का जिक्र करते हुए राजनीतिक दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के शीर्ष पांच नेता एक समय जेल में थे, फिर भी पार्टी नहीं टूटी।
आगे की कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का संकेत
केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी, लेकिन उन्हें भरोसा है कि जब निचली अदालत में पर्याप्त सबूत नहीं मिले तो ऊपरी अदालत में भी मामला नहीं टिकेगा। उन्होंने कहा, “सीबीआई के केस के आधार पर ईडी का मामला बना था, हम अगला कानूनी कदम उठाएंगे।” उन्होंने दावा किया कि अदालत की टिप्पणी से साबित होता है कि जांच में गंभीर खामियां थीं। इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका व्यापक राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।