अंतरराज्यीय वाहन चोरी सिंडिकेट का Delhi Police ने किया भंडाफोड़

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (24 January 2026): दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस की एंटी-ऑटो-थेफ्ट स्क्वॉड ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी और धोखाधड़ी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई कुल 11 लग्जरी कारें बरामद हुईं। जांच में पता चला कि ये वाहन फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोबारा रजिस्टर कर भोले-भाले ग्राहकों को बेचे जा रहे थे।

मामला 28 दिसंबर 2025 को तब सामने आया जब जामिया नगर थाना में ई-एफआईआर संख्या 034942/2025 के तहत मारुति एस-प्रेसो कार चोरी की शिकायत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी कार 27 और 28 दिसंबर की रात चोरी हो गई थी। शुरुआती जांच में ही पुलिस को यह संदेह हुआ कि यह कोई व्यक्तिगत चोरी नहीं बल्कि संगठित गिरोह की कार्यवाही है। मामले की जांच एंटी-ऑटो-थेफ्ट स्क्वॉड दक्षिण-पूर्व जिला को सौंपी गई।

1 जनवरी 2026 को एसआई जितेंद्र और हेड कांस्टेबल शेर सिंह को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली, जिसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश, मुंबई, पुणे और अन्य स्थानों पर सक्रिय एक रिसीवर के पास कई चोरी की गई गाड़ियां हैं, जिनमें शिकायतकर्ता की एस-प्रेसो भी शामिल थी। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने सूचना की पुष्टि की और इसके आधार पर एक विशेष टीम बनाई गई।

निरीक्षक अजय दलाल की देखरेख में टीम ने मुंबई के बांद्रा से 23 वर्षीय कुणाल सुभाष जायसवाल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दिल्ली से चोरी की गई एक हुंडई क्रेटा कार बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि कुणाल इस अंतरराज्यीय वाहन चोरी और धोखाधड़ी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है। वह चोरी की, लोन डिफॉल्ट और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को हासिल कर उनके चेसिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज़ों के साथ बेचता था।

3 जनवरी को टीम ने मुंबई के धारावी से 25 वर्षीय मोहम्मद अमान को गिरफ्तार किया। उसके पास से भी एक चोरी की क्रेटा कार बरामद हुई। पूछताछ में कुणाल ने खुलासा किया कि वाहन चोरी का काम बुलंदशहर निवासी काशिफ और हसन करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि हसन फिलहाल उत्तर प्रदेश की जेल में है और गिरोह की गतिविधियां बड़े पैमाने पर महाराष्ट्र और दिल्ली में संचालित हो रही थीं।

जांच के दौरान महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर और जालना से कई चोरी की गई गाड़ियां बरामद हुईं। सत्यापन में पाया गया कि इन सभी वाहनों के चेसिस नंबर बदल दिए गए थे। 20 जनवरी को गिरोह के मुख्य वाहन चोर काशिफ को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर एक और चोरी की मारुति वैगन-आर कार भी बरामद हुई। इससे पुलिस का दावा है कि गिरोह का नेटवर्क बड़े पैमाने पर काम कर रहा था।

पुलिस ने बताया कि गिरोह का काम बेहद सुनियोजित और योजनाबद्ध था। गिरफ्तार आरोपी कुणाल मुंबई का निवासी और ग्रेजुएट है, जबकि काशिफ पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है और भविष्य में और भी चोरी की गई गाड़ियां बरामद होने की संभावना है। टीम ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को ऐसे संदिग्ध वाहन बेचते या खरीदते देखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।।


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