आर्टिफैक्ट्स-2026 में जीवंत संस्कृति व सशक्त विज़िटर इंटरैक्शन की झलक
जोधपुर, राजस्थान | 18 जनवरी 2026: एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) द्वारा 15 से 19 जनवरी 2026 तक ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर (टीएफसी), बोरानाडा, जोधपुर में आयोजित हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 के दूसरे संस्करण का चौथा दिन उत्साहजनक एवं ऊर्जा से भरपूर माहौल देखने को मिला। दिनभर ट्रेड विज़िटर्स की निरंतर सहभागिता, आगंतुकों की सराहना और राजस्थान की विरासत का उत्सव मनाने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मेले की रौनक को और बढ़ाया।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “आर्टिफैक्ट्स-2026 धीरे-धीरे एक सार्थक मार्केटप्लेस के रूप में विकसित हो रहा है, जहाँ भारत की शिल्प उत्कृष्टता को गंभीर खरीद रुचि का समर्थन मिल रहा है । जापान और नीदरलैंड्स से आए खरीदारों की उपस्थिति तथा आगंतुकों की मजबूत सराहना हमारे हस्तशिल्प क्षेत्र की वैश्विक प्रासंगिकता को पुनः स्थापित करती है । हमारा फोकस कारीगरों एवं निर्यातकों के लिए प्रत्यक्ष मार्केट लिंकेंज सक्षम करने पर है, ताकि ‘मैजिक ऑफ़ गिफ्टेड हैंड्स’ को प्रामाणिक उत्पादों और प्रभावशाली शिल्प कथाओं के माध्यम से सामने लाया जा सके।”
जसवंत सिंह बिश्नोई, पूर्व लोकसभा सदस्य, रविंद्र सिंह भाटी, राजस्थान विधानसभा सदस्य (शेओ विधानसभा क्षेत्र) और ओम प्रकाश, पुलिस आयुक्त (जोधपुर) ने मेले का दौरा किया और इस दौरान उन्होंने प्रदर्शकों से बातचीत की ।
जापान से आए खरीदार नोज़ोमी हागा आर्टिफैक्ट्स-2026 में प्रदर्शित कारीगरी एवं उत्पाद प्रदर्शन से प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा, “यहाँ के कलेक्शन्स में पारंपरिक तकनीकों और समकालीन डिज़ाइन का बेहतरीन मिश्रण दिखाई देता है, विशेषकर होम डेकोर और लाइफस्टाइल श्रेणियों में । मुझे क्यूरेटेड सोर्सिंग और दीर्घकालिक साझेदारियों की अच्छी संभावना दिखती है, खासकर जोधपुर के निर्माताओं के साथ ।”
नीदरलैंड्स से आए खरीदार लुईस उइटरवाइक, जो होम डेकोर और वुडन फर्नीचर के क्षेत्र में कार्य करते हैं, ने कहा, “यह एक्सपो अत्यंत प्रोफेशनल सोर्सिंग वातावरण प्रदान करता है, जहाँ उत्पादों की उत्कृष्ट विविधता और स्पष्ट डिज़ाइन पहचान दिखाई देती है । यहाँ उच्च निर्यात-गुणवत्ता की कारीगरी और उत्पादों के पीछे मजबूत स्टोरीटेलिंग भी नजर आती है, जो यूरोपीय उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है । प्रदर्शकों के साथ हमारी चर्चाएँ भविष्य में खरीद एवं सहयोग के लिए बहुत आशाजनक रही हैं ।”
विज़िटर अनुभव और सांस्कृतिक कार्यक्रम को रेखांकित करते हुए ईपीसीएच की प्रशासनिक समिति के सदस्य निर्मल भंडारी ने कहा, “चौथे दिन ने आर्टिफैक्ट्स की उस भावना को खूबसूरती से प्रस्तुत किया जहाँ व्यावसायिक अवसर और सांस्कृतिक उत्सव का संगम होता है । राजस्थानी लोक नृत्य, ‘मो हिट’ बैंड की म्यूजिकल परफॉर्मेंस तथा ‘फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई)’ द्वारा प्रस्तुत फैशन शो ने कार्यक्रम में प्रभावशाली क्षेत्रीय रंग जोड़ा और आगंतुकों को जोड़े रखा । यह ऊर्जा प्रदर्शकों के लिए भी सहायक है क्योंकि इससे निरंतर फुटफॉल और शेष दिनों में सार्थक खरीदार इंटरैक्शन सुनिश्चित होते हैं।”

प्लेटफॉर्म के वैल्यू-चेन दृष्टिकोण पर जोर देते हुए ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा, “चौथे दिन की प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही, चाहे वह खरीदारों की गुणवत्ता हो या आगंतुकों की भागीदारी में । जापान और नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की उपस्थिति तथा मजबूत घरेलू बायर्स रुचि यह दर्शाती है कि आर्टिफैक्ट्स अपने उद्देश्य के अनुरूप एक व्यवसाय-तैयार मंच के रूप में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है । हमें इस बात पर भी गर्व है कि हमारे ‘समग्र कौशल उन्नयन कार्यक्रम (सीएसयूपी)’ के अंतर्गत जैसलमेर और उदयपुर के कारीगरों को कावड़ पेंटिंग एवं एप्लीक क्राफ्ट्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है । इन प्रशिक्षित कारीगरों ने मेले का भ्रमण किया और प्रमुख निर्यातकों से संवाद कर व्यावहारिक निर्यात अनुभव प्राप्त किया, अंतरराष्ट्रीय बाजार अपेक्षाओं को समझा तथा खरीदारों की आवश्यकताओं का आकलन किया।”
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