ग्रेटर नोएडा में SIR अभियान पर उठे सवाल: जागरूक मतदाताओं ने क्या कहा?

मेघा राजपूत, संवाददाता

Greater Noida News (18/01/ 2026): चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के सत्यापन के उद्देश्य से SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची में नामों की जांच और सुधार किया जा रहा है। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में इस अभियान से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि ऐसे कई मतदाता, जिनके नाम पिछले 15 वर्षों या उससे अधिक समय से मतदाता सूची में दर्ज थे, उनके नाम अचानक सूची से हटा दिए गए हैं और अब उन्हें दोबारा फॉर्म भरने के लिए कहा जा रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर टेन न्यूज़ नेटवर्क की टीम ने ग्रेटर नोएडा के जागरूक मतदाताओं और समाजसेवियों से बातचीत की।

“सरकार विकल्प दे रही है, मतदाताओं को भी जागरूक होना होगा”: आलोक सिंह

टेन न्यूज़ नेटवर्क से बातचीत करते हुए समाजसेवी एवं जागरूक मतदाता आलोक सिंह ने कहा कि SIR अभियान के तहत सरकार मतदाताओं को अपना नाम सुधारने के लिए कई विकल्प उपलब्ध करा रही है और प्रशासन स्तर पर अच्छा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर अभियान चलने पर कुछ तकनीकी या मानवीय त्रुटियां होना स्वाभाविक है। ऐसे में यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या उसमें कोई त्रुटि है, तो मतदाताओं को स्वयं भी जागरूक होकर इसे सही करवाना चाहिए। यह केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि हर मतदाता की भी जिम्मेदारी है।

SIR अभियान की जल्दबाज़ी से वोटर परेशान: एडवोकेट दीपक भाटी

एडवोकेट दीपक भाटी ने कहा कि SIR अभियान को अत्यधिक जल्दबाज़ी में चलाया जा रहा है, जिसके चलते इसमें लगातार तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियाँ सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे आम मतदाता परेशान है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यह समस्या व्यापक रूप ले चुकी है। स्वयं उनके कई परिचितों के नाम भी वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। एडवोकेट दीपक भाटी ने सरकार से मांग की कि SIR अभियान को पर्याप्त समय दिया जाए, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने नाम मतदाता सूची में सही करा सकें और लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।

“अभियान अच्छा है, लेकिन जागरूकता और समय दोनों की कमी”: साधना सिन्हा

समाज सेविका साधना सिन्हा ने SIR अभियान को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि अभियान की मंशा अच्छी है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह जल्दबाजी का काम नहीं है और इसके लिए अधिक समय दिए जाने की आवश्यकता है। आगे साधना सिन्हा ने बताया कि कई मतदाता फॉर्म तो भर रहे हैं, लेकिन अगर फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो उन्हें यह जानकारी नहीं दी जा रही कि वे उसे ऑनलाइन कैसे जांचें और सुधारें। अभियान में जन-जागरूकता की कमी साफ तौर पर देखने को मिल रही है, जिसे दूर किया जाना जरूरी है।

“जहां मतदाता रह रहा है, वहीं होना चाहिए उसका वोट”: सुनील प्रधान

टेन न्यूज़ नेटवर्क से बातचीत में किसान नेता सुनील प्रधान ने बताया कि उनके सेक्टर में कई ऐसे मतदाता हैं जिनके मकान तो यहां हैं, लेकिन वे अब कहीं और निवास कर रहे हैं, जबकि उनके वोट अभी भी सेक्टर में दर्ज हैं।‌इसी तरह, कई गांव के मतदाता अब सेक्टरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके वोट अभी भी गांवों में बने हुए हैं। उन्होंने मांग की कि BLO द्वारा सही और गंभीर जांच की जाए, ताकि मतदाता का वोट उसी स्थान पर दर्ज हो जहां वह वास्तव में निवास कर रहा है। साथ ही सुनील प्रधान ने कहा कि SIR अभियान को और प्रभावी ढंग से चलाने की जरूरत है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

आपकी राय क्या है?

SIR अभियान को किस तरह और बेहतर बनाया जाना चाहिए? क्या आपको भी मतदाता सूची से जुड़ी कोई समस्या आई है? अपनी राय हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।।

गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम के नेतृत्व में जिले में SIR अभियान तेज़ी और पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, हालांकि, कुछ समस्याएं सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर करते हुए अभियान को और बेहतर तरीके से चलाने की ज़रूरत है, ताकि किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहे।।


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