क्रिप्टो पर सरकार की कड़ी नज़र: FIU ने एक्सचेंजों के लिए लागू किए सख्त KYC और निगरानी नियम

टेन न्यूज़ नेटवर्क

National News (17/01/2026): भारत सरकार की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने वाले ऐप्स यानी क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए नए और सख्त नियम बनाए हैं। इन नियमों का मकसद क्रिप्टो के लेनदेन को सुरक्षित बनाना है ताकि इसमें कोई धोखाधड़ी न हो सके। जैसे-जैसे लोग क्रिप्टो में पैसा लगा रहे हैं, सरकार चाहती है कि उन पर कड़ी नज़र रखी जाए ताकि इस पैसे का इस्तेमाल किसी गलत काम या अपराध के लिए न किया जा सके।

इन नए नियमों का सबसे ज़रूरी हिस्सा है KYC यानी अपने ग्राहक को पहचानना। अब क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वे हर यूज़र की पूरी जानकारी रखें। इसमें आपका पहचान पत्र, फोन नंबर, ईमेल, घर का पता और यहाँ तक कि आप क्या काम करते हैं और कितना कमाते हैं, इन सबका हिसाब रखना होगा। इसका मकसद यह है कि सरकार को पता रहे कि कौन व्यक्ति कितना पैसा क्रिप्टो में लगा रहा है।

धोखाधड़ी और रोबोट्स  को रोकने के लिए अब ‘लाइव-नेस डिटेक्शन’ का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मतलब है कि अकाउंट खोलते समय आपको एक खास कोड के साथ अपनी सेल्फी देनी होगी, जिससे यह साबित हो सके कि आप एक असली इंसान हैं और उसी वक्त वहां मौजूद हैं। साथ ही, कंपनियां यह भी रिकॉर्ड करेंगी कि आप किस जगह से, किस समय और किस इंटरनेट एड्रेस से अपना अकाउंट चला रहे हैं।

बैंक अकाउंट की जांच के लिए ‘पेनी ड्रॉप’ तरीका अपनाया जाएगा। इसमें कंपनी आपके बैंक खाते में ₹1 जैसा छोटा सा अमाउंट डालकर चेक करेगी कि आपका खाता चालू है और जानकारी सही है या नहीं। जब यह पक्का हो जाएगा कि बैंक अकाउंट आपका ही है, तभी आप बड़े लेनदेन कर पाएंगे। यह ठीक वैसा ही है जैसे हम किसी को बड़े पैसे भेजने से पहले ₹1 भेजकर चेक करते हैं।

एक बड़ी चुनौती डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज (DEX) हैं। ये ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जिनका कोई एक मालिक या कंट्रोलर नहीं होता, इसलिए यहाँ लोग अपनी पहचान छुपाकर लेनदेन कर सकते हैं। सरकार के लिए इन्हें काबू करना मुश्किल है क्योंकि यहाँ गुमनामी का फायदा उठाकर अपराधी या हैकर्स पैसों की हेराफेरी कर सकते हैं। जानकारों का मानना है कि इन पर लगाम लगाने के लिए सिर्फ कागजी नियम काफी नहीं हैं, बल्कि बेहतर तकनीक की ज़रूरत है।

भारत में अभी तक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई खास कानून नहीं बना है। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि क्रिप्टो कितना सुरक्षित है और इसका इस्तेमाल सही है या नहीं। जहाँ अमेरिका और यूरोप जैसे देशों ने इसके लिए बड़े और एडवांस नियम बना लिए हैं, वहीं भारत अभी बहुत सावधानी बरत रहा है। सरकार ने क्रिप्टो पर पूरी तरह पाबंदी तो नहीं लगाई है, लेकिन इस पर 30% टैक्स और 1% TDS लगा दिया है ताकि लोग इसमें बहुत ज़्यादा पैसा न फंसाएं। सरकार के ये नए नियम एक बीच का रास्ता हैं इसका मकसद यह है कि क्रिप्टो तकनीक भी चलती रहे और सरकार के पास हर लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड भी रहे, जिससे देश की आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।

डिस्क्लेमर: यह लेख / न्यूज आर्टिकल सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और प्रतिष्ठित / विश्वस्त मीडिया स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पाठक कृपया स्वयं इस की जांच कर सूचनाओं का उपयोग करे ॥


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