CAQM की सख्ती: बायोमास को-फायरिंग में चूक पर 6 थर्मल पावर प्लांटों को नोटिस
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (24 December 2025): दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित छह कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांटों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन संयंत्रों पर बायोमास को-फायरिंग से जुड़े अनिवार्य मानकों का पालन न करने का आरोप है। आयोग ने इन पर लगभग ₹61.85 करोड़ के पर्यावरणीय मुआवजे (ईसी) का प्रस्ताव भी रखा है।
सीएक्यूएम ने बताया कि यह कार्रवाई पर्यावरण (थर्मल पावर प्लांटों द्वारा फसल अवशेषों का उपयोग) नियम, 2023 के तहत की गई है। नियमों के अनुसार, सभी कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले के साथ फसल अवशेषों से बने बायोमास पेलेट या ब्रिकेट का न्यूनतम 5% उपयोग अनिवार्य है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए यह सीमा कम से कम 3% तय की गई थी ताकि पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति से बचा जा सके।
आयोग ने स्पष्ट किया कि ये प्रावधान धान की पराली के प्रभावी निस्तारण, पराली जलाने की घटनाओं में कमी और एनसीआर सहित आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। सीएक्यूएम वर्ष 2021 से इस दिशा में लगातार निर्देश जारी करता आ रहा है और समय-समय पर निरीक्षण व समीक्षा के माध्यम से निगरानी भी कर रहा है।
विस्तृत समीक्षा में पाया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान छह थर्मल पावर प्लांटों में बायोमास सह-दहन का स्तर तय मानकों से काफी कम रहा। इसके चलते तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (पंजाब), पानीपत थर्मल पावर स्टेशन, दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर स्टेशन, राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट (हरियाणा), गुरु हरगोबिंद थर्मल पावर प्लांट (पंजाब) और हरदुआगंज थर्मल पावर स्टेशन (उत्तर प्रदेश) को नोटिस जारी किए गए हैं।
इन संयंत्रों पर प्रस्तावित पर्यावरणीय मुआवजे में सबसे अधिक लगभग ₹33.02 करोड़ तलवंडी साबो पावर लिमिटेड पर लगाया गया है। वहीं अन्य संयंत्रों पर ₹2.74 करोड़ से लेकर ₹8.98 करोड़ तक का ईसी प्रस्तावित है। कुल मिलाकर छह परियोजनाओं पर लगभग ₹61.85 करोड़ की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तय की गई है।
सीएक्यूएम ने बताया कि निर्देश संख्या 42 जारी होने के बाद से थर्मल पावर प्लांटों के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा की जा रही है। अनुपालन में गंभीर देरी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को देखते हुए, आयोग ने वर्ष 2024 की शुरुआत में चार थर्मल पावर प्लांटों को सीएक्यूएम अधिनियम, 2021 की धारा 14 के तहत भी नोटिस जारी किए थे।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित थर्मल पावर प्लांटों को नोटिस जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया, तो सीएक्यूएम अधिनियम, 2021 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएक्यूएम ने दोहराया कि थर्मल पावर प्लांटों में बायोमास का सह-दहन फसल अवशेष प्रबंधन और वायु प्रदूषण नियंत्रण का एक अहम उपाय है। आयोग ने कहा कि एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए वैधानिक निर्देशों का कड़ाई से पालन और प्रवर्तन आगे भी जारी रहेगा।।
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