ITS डेंटल काॅलेज, ग्रेटर नोएडा में मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच पर विशेष वर्कशाॅप का आयोजन
दिनांक 4 अक्टुबर, 2025 को आई0 टी0 एस0 डेंटल काॅलेज, हाॅस्प्टिल एंड रिसर्च सैंटर, ग्रेटर नोएडा में मानसिक स्वास्थ्य पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य और भावानात्मक संतुलन के महत्व को समझाना तथा जीवन में आने वाले तनावों से निपटने के व्यावहारिक उपाय प्रदान करना था।
इस कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक एवं पे्ररक वक्ता डाॅ0 सतिंदर माकेन ने किया। डाॅ0 माकेन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सिर्फ बीमारी से मुक्त रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच, व्यवहार और भावानात्मक संतुलन का आधार है। डाॅ0 माकेन ने छात्रों को यह सिखाया गया कि किन परिस्थितियों में तनान उत्पन्न होता है और किस प्रकार यह हमारे प्रदर्शन और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है और साथ ही माइंडफुलनेस, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज़, टाइम मैनेजमेंट और सकारात्मक आत्म-संवाद जैसी तकनीकों का अभ्यास करवाया, जो दैनिक जीवन में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
संस्थान के प्रधानाचार्य डाॅ0 सचित आनंद अरोरा ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक और तेज रफ्तार जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना उतना ही आवश्यक है जितना शारीरिक स्वास्थ्य को। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनेक प्रकार के दबाव और चुनौतियां होती हैं-जैसे अकादमिक प्रदर्शन, करियर की चिंताएं, और व्यक्तिगत अपेक्षाएं-जो कभी-कभी तनाव का कारण बनती हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागुरूक रहना और भावनात्मक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। डाॅ0 अरोरा ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को आत्म-जागरूकता बढ़ाने, अपने विचारों को सकारात्मक दिशा देने और जीवन के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करती हैं। मानसिक दृढ़ता विकसित करना हर व्यक्ति के जीवन की एक महत्पूर्ण आवश्यकता है, जो हमें कठिन परिस्थियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति देती है।
आई0टी0एस0 – द एजूकेशन ग्रुप उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता, उच्च शिक्षा का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल शैक्षणिक सफलता के लिए नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और आत्म-संतुष्टि के लिए भी मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान हमेशा से विद्यार्थियों के समग्र विकास-शैक्षणिक, व्यावसायिक औ भावनात्मक के लिए प्रतिबद्ध रहा है, और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।
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