NAAC से निखरेगा यूपी का एजुकेशन! 25% कॉलेज होंगे टॉप ग्रेड के रेस में शामिल

टेन न्यूज नेटवर्क

Lucknow News (19/07/2025): उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने राज्य में उच्च शिक्षा (Higher Education) की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2025-26 तक प्रदेश के 25 प्रतिशत कॉलेजों को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह पहल राज्य के उच्च शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश स्टेट लेवल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (UP-SLQAC) की साझा कोशिशों से संचालित की जा रही है।

सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों को नैक से मान्यता मिलने से न केवल शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण भी प्राप्त होगा। अभी तक प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों ने नैक की ए++ ग्रेडिंग हासिल की है और 1,000 कॉलेजों को मूल्यांकन की प्रक्रिया में शामिल किया जा चुका है।

बाइनरी प्रणाली से मूल्यांकन हुआ आसान

सरकार ने नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ‘बाइनरी प्रणाली’ (‘Binary System’ ) की शुरुआत की है। इस प्रणाली में संस्थानों का मूल्यांकन अधिक सरल, त्वरित और निष्पक्ष ढंग से किया जाएगा, जिससे वे समय पर मान्यता और ग्रेडिंग प्राप्त कर सकें।

नई नीति पर कार्य जारी

सरकार अब एक नई नीति के तहत सभी पात्र कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए नैक मूल्यांकन (NAAC Assessment) को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत तय समयसीमा में मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा, जिससे संस्थानों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सके।

शिक्षा मंत्री ने बताई सरकार की मंशा

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय (Higher Education Minister Yogendra Upadhyay) ने कहा कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता राज्य के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नैक मान्यता से संस्थानों की रैंकिंग में सुधार होगा, छात्रों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपी की शिक्षा को पहचान मिलेगी।”

नैक मान्यता क्यों जरूरी है?

NAAC, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा वित्त पोषित एक स्वायत्त संस्था है, जो देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे, अनुसंधान, प्रशासन और छात्रों के विकास पर आधारित मूल्यांकन करती है। इस प्रक्रिया में संस्थानों को A++ से लेकर D ग्रेड तक दिए जाते हैं। उच्च ग्रेड पाने वाले संस्थानों की विश्वसनीयता और छात्रों को मिलने वाली डिग्री की मान्यता बढ़ जाती है।

छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

नैक मूल्यांकन से छात्रों को उन संस्थानों की पहचान में आसानी होती है, जहां शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर है। इससे वे अपने करियर के लिए सही कॉलेज (College) चुन सकते हैं। साथ ही उच्च ग्रेड (High Grade) वाले संस्थानों में मिलने वाली डिग्रियों (Degrees) की वैल्यू भी अधिक होती है, जिससे छात्रों को रोजगार और उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर मिलते हैं।।


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