New Delhi News (10/07/2025): दिल्ली सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी(Guru Tegh Bahadur Ji) के 350वें शहीदी पर्व को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने का निर्णय लिया है। पहली बार दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से गुरु साहिब की अद्वितीय शहादत को औपचारिक श्रद्धांजलि दी जाएगी। दिल्ली कैबिनेट ने इस दो दिवसीय आयोजन को मंजूरी दी है, जो कला, संस्कृति और भाषा विभाग के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा। आयोजन उस स्थल पर होगा, जहां गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और वरिष्ठ सिख नेता मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) और पूरी कैबिनेट का आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला दिल्ली की विरासत और सिख परंपरा को एक नया गौरव देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह आयोजन सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं बल्कि दिल्ली की बहुलतावादी पहचान का उत्सव होगा। गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल सिखों का गौरव है बल्कि मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की प्रतीकात्मक गाथा भी है।
इस दो दिवसीय आयोजन में कई सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की योजना है। इसमें लाइट एंड साउंड शो, कीर्तन दरबार, पैनल चर्चाएं, गुरु जी की शिक्षाओं पर आधारित प्रस्तुतियाँ और पेंटिंग प्रदर्शनी शामिल होंगी। इसके साथ-साथ गुरु जी की शिक्षाओं का कई भाषाओं में अनुवाद भी कराया जाएगा ताकि उनकी विचारधारा जन-जन तक पहुंच सके। दिल्ली सरकार इस आयोजन के माध्यम से एक प्रेरक और शिक्षाप्रद वातावरण निर्मित करना चाहती है।
सिरसा ने इस मौके पर यह भी घोषणा की कि दिल्ली के जैनपुर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा मियावाकी जंगल गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित किया जाएगा। यह हरित उपवन न केवल पर्यावरणीय योगदान देगा बल्कि सेवा, समर्पण और प्रकृति के प्रति सिख समुदाय की गहरी आस्था को भी दर्शाएगा। यह स्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा और दिल्ली की पर्यावरणीय दृष्टि को भी मजबूती देगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) ने भी इस पहल को आगे बढ़ाते हुए “भारतीय इतिहास में सिख शहादत” नाम से एक नया कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स गुरु तेग बहादुर जी और अन्य सिख गुरुओं के बलिदानों को ऐतिहासिक और शैक्षणिक दृष्टि से छात्रों के बीच लाने का प्रयास है। इससे युवाओं को न केवल सिख इतिहास बल्कि स्वतंत्रता, समानता और सहिष्णुता जैसे मूल्यों की गहरी समझ मिलेगी।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार पूरे वर्ष विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करेगी जिनमें चित्रकला प्रतियोगिता, ऐतिहासिक दस्तावेज़ों की प्रदर्शनियां और स्कूली कार्यक्रम शामिल होंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और शहादत से जोड़ना है ताकि वे दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और इतिहास से सशक्त रूप से जुड़ सकें। सिरसा ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के समावेशी शासन और गुरु साहिब के प्रति अटूट सम्मान का प्रतीक होगा।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।