बीजेपी संविधान से धर्मनिरपेक्षता-समाजवाद हटाने के मुद्दे पर चुनाव लड़े, औकात पता चल जाएगी- संजय सिंह
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली, (28 जून 2025): संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद शब्द हटाने की आरएसएस की मांग पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बीजेपी में हिम्मत है तो वह संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्षता- समाजवाद हटाने के मुद्दे पर चुनाव लड़कर दिखाए, उसे उसकी औकात पता चल जाएगी। सच तो यह है कि आरएसएस और बीजेपी को बाबा साहब के संविधान से नफरत है। इसलिए ये लोग इसे खत्म करना चाहते हैं। पीएम मोदी समेत बीजेपी के सभी सांसदों ने इसी संविधान की शपथ ली है। आरएसएस को बीजेपी के सभी सांसदों से इस्तीफा ले लेना चाहिए।
‘‘आप’’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने हम लोग बार-बार कहते रहे हैं कि आरएसएस और बीजेपी के लोग संविधान की आत्मा को नष्ट करना चाहते हैं। भारत का संविधान खत्म करना चाहते हैं। संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिपेक्षता और समाजवादी शब्द को हटाने की मांग इस बात का उदाहरण है कि भाजपा और आरएसएस संविधान खत्म करने की कोशिश कर रही है। आरएसएस की कोंख से ही बीजेपी निकली है और नरेंद्र मोदी ने इसी संविधान के उपर हाथ रखकर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। इसलिए दत्तात्रेय होसबाले को पीएम मोदी, अमित शाह समेत सभी बीजेपी सांसदों से इस्तीफा मांगना चाहिए। मैं आरएसएस और भाजपा को चुनौती देता हूं, पीएम मोदी, अमित शाह समेत बीजेपी के सारे सांसद इस्तीफा दें और प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी शब्द को निकालने के नाम पर चुनाव लड़कर दिखाएं, बीजेपी और आरएसएस को उनकी औकात पता चल जाएगी कि इस देश के लोग समाजवादी विचारधारा और धरमनिर्पेक्षता चाहते हैं या नहीं चाहते हैं?
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी के लोग अडानी की दलाली करके हिंदुस्तान को आगे ले जाना चाहते हैं? ये लोग चाहते हैं कि हिन्दुस्तान में समानता, समाजवाद की विचारधारा नहीं होनी चाहिए? जबकि समता मूलक सम्पन्नता युक्त समाज की स्थापना समाजवाद है। जिसको डॉ. राम मनोहर लोहिया, मधुमिले, राज नारायण, लोकनायक जयप्रकाश नारायण मानते थे। बीजेपी हमेशा समाजवाद का विरोधी और पूंजीवाद की समर्थक रही है। समाजवाद शब्द समानता का प्रतीक है। समाजवाद हमेशा गैर बराबरी को खत्म कर बराबरी की बात करता है। बीजेपी वालों को समाजवादी विचारधारा के बारे में कुछ भी पता नहीं है। बीजेपी-आरएसएस को बाबा साहब भीमराव डॉ. अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान से नफ़रत है और ये संविधान को खत्म करना चाहते हैं।
संजय सिंह ने कहा कि संविधान में कोई चीज संसद की प्रक्रिया के तहत शामिल की जाती है। इसमें अगर कुछ गलत होता है तो कोर्ट जाते हैं। पहले से ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट का चुका है और सुप्रीम कोर्ट इसे खारिज कर चुका है। धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी को हटाने की मांग करने वाले ये लोग कौन होते है। जिस संविधान में समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता शब्द है, 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने हाथ रखकर कसम खाई थी और तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। इसलिए मोदी जी के साथ पूरी बीजेपी को इस्तीफा देना चाहिए। बीजेपी में साहस है तो धर्मनिरपेक्षता-समाजवादी शब्द संविधान की प्रस्तावना से निकालने के मुद्दे पर चुनाव लड़े, पता चल जाएगा।
समाजवाद से ऐतराज का मतलब, बीजेपी देश के ऊपर पूंजीवाद थोपना चाहती है- सौरभ भारद्वाज
‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आरएसएस को समाजवादी और धर्मनिपेक्षता शब्द पर ऐतराज है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपने नेताओं द्वारा कई बार कहलवाया कि 350 सीटें दे दो, हम संविधान बदल देंगे। इसकी वजह से बीजेपी का नुकसान हुआ और 240 सीटों पर सिमट गई। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति थे और उनके विचार धर्मनिरपेक्ष थे। उन्होंने कभी भी सामुदायिक राजनीति का समर्थन नहीं किया। जिस तरह बीजेपी को समाजवाद से ऐतराज है, इसका मतलब है कि बीजेपी पूंजीवाद की विचारधारा को देश के उपर थोपना चाहती है। पूंजीवाद में देश के सारे संसाधन कुछ पूंजीपतियों के हाथ में चले जाएंगे और बीजेपी यही कर रही है। रेल, सेल, गेल, तेज, एयरपोर्ट, सी-पोर्ट, रेलवे स्टेशन सबकुछ पूंजीपतियों को दिया जा रहा है। यह तो देश के हर गरीब आदमी के लिए बहुत खतरनाक बात है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टिप्पणियाँ बंद हैं।