नई दिल्ली (10 जून 2025): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए गंभीर वर्षा चेतावनी जारी की है। 12 से 16 जून के बीच केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है, वहीं 14 से 16 जून के बीच केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना जताते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
कोंकण और गोवा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
13 और 14 जून को कोंकण और गोवा में अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 12 से 16 जून के बीच भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। महाराष्ट्र के कई भागों में गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं (50-70 किमी/घंटा) चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इस दौरान बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है और NDRF टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है। पूर्वी भारत के झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल में 11 से 16 जून के बीच गरज के साथ बारिश की संभावना है। साथ ही मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार में 13 से 16 जून के बीच लगातार बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना के चलते लोगों को खुले में ना जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अब भी जारी है हीट वेव का खतरा
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में उष्ण लहर (Heat Wave) की स्थिति बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान में 12 जून तक भीषण उष्ण लहर की चेतावनी दी गई है, जहाँ तापमान 47°C तक पहुंच सकता है। यह स्थिति 13 जून के बाद धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गर्म हवाएं चलने और गर्म रातों के कारण लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में 12 से 16 जून तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। यह बारिश तापमान में थोड़ी राहत ला सकती है, लेकिन भूस्खलन और सड़क अवरोध की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसून की सक्रियता बरकरार
पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में आगामी 7 दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से भारी वर्षा की संभावना है। विशेषकर 11 से 16 जून तक असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है। इन इलाकों में जलभराव, सड़क अवरोध और नदी किनारे के गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
हीट वेव की परिभाषा और सुरक्षा उपाय
भारत में हीट वेव तब घोषित की जाती है जब मैदानों में तापमान 40°C, तटीय इलाकों में 37°C और पहाड़ियों में 30°C से अधिक होता है। अगर सामान्य तापमान से 4.5°C से 6.4°C अधिक हो तो इसे “उष्ण लहर” और 6.4°C से अधिक हो तो “भीषण उष्ण लहर” कहा जाता है। यदि तापमान 45°C या उससे अधिक हो तो भी यह स्थिति घोषित होती है। विशेषज्ञों ने लोगों को अधिक पानी पीने, धूप में बाहर न निकलने और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आईएमडी की बहुस्तरीय चेतावनी के बाद कई राज्य सरकारों ने राहत और बचाव दलों को सक्रिय कर दिया है। स्कूलों में अवकाश की संभावना, जल स्रोतों की निगरानी, बिजली गिरने से बचाव हेतु जागरूकता अभियान और शहरों में जल निकासी की तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि मौसम विभाग के अपडेट्स पर ध्यान दें, गैर जरूरी यात्रा से बचें और किसी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
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