फिल्म सिटी प्रोजेक्ट को झटका: यमुना प्राधिकरण ने खामियों के चलते लौटाई लेआउट फाइल

टेन न्यूज नेटवर्क

ग्रेटर नोएडा (29 मई 2025): यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना का लेआउट खामियों के चलते अस्वीकार कर दिया है। बेव्य और भूटानी ग्रुप द्वारा विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रारंभिक नक्शा फिल्म निर्माता बोनी कपूर की ओर से प्रस्तुत किया गया था। परियोजना कुल 230 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जिसमें से 175 एकड़ भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए और 55 एकड़ भूमि व्यावसायिक (कमर्शियल) गतिविधियों के लिए चिन्हित की गई है।

यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह ने जानकारी दी कि यह फिल्म सिटी तीन चरणों में विकसित की जानी है। पहले चरण में फिल्म इंस्टीट्यूट, शूटिंग स्टूडियो, साउंड मिक्सिंग यूनिट्स, वीएफएक्स सुविधाएं, और ओटीटी कंटेंट निर्माण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही कलाकारों के लिए रिहायशी सुविधाएं तथा रेस्टोरेंट भी इस चरण में प्रस्तावित हैं।

लेआउट में सामने आईं मुख्य खामियां:

प्राधिकरण ने लेआउट प्लान में कई तकनीकी और नियोजन संबंधी कमियों की ओर इशारा किया है:

फेज-वाइज प्लानिंग की कमी: सबसे बड़ी आपत्ति यह रही कि प्रस्तुत लेआउट में चरणबद्ध विकास की स्पष्ट योजना नहीं दी गई है, जबकि परियोजना को तीन फेज में विकसित किया जाना तय है।

अनुचित भूमि उपयोग: पहले चरण में केवल फिल्म निर्माण से संबंधित गतिविधियों की अनुमति है, लेकिन प्रस्तावित लेआउट में होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी शामिल कर दिया गया है, जो नियमों के विपरीत है।

हरित क्षेत्र की अनदेखी: परियोजना में नियमानुसार जो ग्रीन ज़ोन होना चाहिए था, उसे या तो कम कर दिया गया है या उसे पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है। जबकि हरित क्षेत्र किसी भी बड़ी परियोजना के ‘फेफड़े’ माने जाते हैं।

अन्य तकनीकी आपत्तियाँ: प्रस्तावित लेआउट में फायर एनओसी, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी रिपोर्ट और भूमि उपयोग की स्पष्टता जैसी जरूरी चीजें भी अधूरी या अस्पष्ट पाई गईं।

यमुना अथॉरिटी ने डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि वे तीन दिनों के भीतर सभी खामियों को दूर कर संशोधित लेआउट प्रस्तुत करें। अथॉरिटी का लक्ष्य है कि जून के पहले सप्ताह में इस महत्वाकांक्षी फिल्म सिटी परियोजना का शिलान्यास किया जा सके।

परियोजना का महत्व

यह फिल्म सिटी न केवल उत्तर प्रदेश की फिल्म निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्माताओं के लिए एक आधुनिक फिल्म हब के रूप में भी उभरेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

यमुना प्राधिकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परियोजना के मूल उद्देश्य फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसीलिए नियमों और स्वीकृत मास्टर प्लान के अनुरूप ही विकास कार्य किया जाना अनिवार्य है।


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