दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक्शन तेज, 770 लोगों को किया गया डिपोर्ट
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (29 मई 2025): दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। पिछले छह महीनों के दौरान रिकॉर्ड 770 बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजा गया है। यह कार्रवाई विशेष रूप से उस समय तेज़ हुई जब कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों को यह आशंका और गहरी हो गई कि देश के भीतर छिपे विदेशी तत्व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय ने सत्यापन और निष्कासन अभियान को अभूतपूर्व गति दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल एक महीने के भीतर ही 470 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई, जो दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे। इसके अलावा, 50 अन्य विदेशी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया, जो वीज़ा की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे थे। इन सभी को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से विशेष विमानों द्वारा अगरतला ले जाया गया और फिर सड़क मार्ग से बांग्लादेश की सीमा पर सौंप दिया गया।
एक निजी समाचार एजेंसी के मुताबिक दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा अभियान केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर चलाया जा रहा है। मंत्रालय ने दिसंबर 2024 के अंत में सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों को एक विशेष सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पकड़े गए लोगों को सबसे पहले दिल्ली के विभिन्न केंद्रों में रखा गया, फिर उन्हें ट्रेनों द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों की ओर रवाना किया गया। वहां से उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) की निगरानी में बांग्लादेश वापस भेजा गया। वहीं गृह मंत्रालय के अनुसार, 15 नवंबर 2024 से 20 अप्रैल 2025 के बीच दिल्ली पुलिस ने 220 अवैध प्रवासियों और 30 वीजा ओवरस्टे मामलों को पकड़ा था। इन सभी को FRRO (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) के जरिए निष्कासित किया गया। ऑपरेशन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस अवधि के दौरान गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से कम से कम 3-4 विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई थी ताकि इन विदेशी नागरिकों को तेज़ी से पूर्वोत्तर सीमा तक पहुँचाया जा सके।
जबसे दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मसले को प्राथमिकता पर रखते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अवैध घुसपैठ को एक ‘सुरक्षा खतरा’ मानते हुए इससे जुड़ी किसी भी साजिश को जड़ से खत्म किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को उन गिरोहों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जो इन अवैध प्रवासियों को फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर भारत में बसने में मदद करते हैं। इस ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस की पहली बटालियन, FRRO और BSF के बीच तालमेल से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी अवैध घुसपैठिया सिस्टम की नज़रों से छुप न सके। यह कार्रवाई न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पहलगाम जैसे हमलों के बाद इस अभियान की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो गई है।।
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